बागपत। हरियाणा, राजस्थान और मुजफ्फरनगर से आए जाट नेताओं ने समाज के लोगों से जाट आरक्षण विरोधी सरकार के खिलाफ वोट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में समाज पर अत्याचार हुआ, उसे उखाड़ फेंकने का संकल्प लेना जरूरी है। अपने ही समाज में ऐसे लोग हैं, जो समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्हें पहचानना होगा।
आशीर्वाद गार्डन में शनिवार को हुई बैठक में हरियाणा, राजस्थान और मुजफ्फरनगर के जाट नेताओं ने संबोधित किया। अखिल आदर्श जाट महासभा हरियाणा के अध्यक्ष एडवोकेट सुखवंत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने जाटों को ठगा है। हुड्डा और चौटला ने भी समाज विरोधियों का साथ दिया। भाजपा गैरजाट की राजनीति करती है। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना है। प्रदेश में ऐसी पार्टी की सरकार नहीं बनने देनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ही हरियाणा में आंदोलन को भड़काया था, जिसमें 22 जाटों की मौत हुई। लाठी-डंडे से नहीं एकजुट होकर इस सरकार से लड़ना है। समाज की विरोधी पार्टी को वोट की ताकत से हटाना है। यमुना के किनारे हमें बांट नहीं सकते। हरियाणा और यूपी के जाट एक हैं और एक रहेंगे।
राष्ट्रीय जाट संरक्षण समिति के अध्यक्ष विपिन कुमार बालियान ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी और रोशनलाल आर्य ने समाज को बुरा-भला कहा था। राजकुमार सैनी मुजफ्फरनगर कार्यक्रम में जा रहे थे। उन्हें शामली में ही रोक दिया था। समाज विरोधी नेताओं को सहन नहीं किया जाएगा। हमारे समाज में भी कुछ लोग गद्दार हैं। ये समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं। राजस्थान से आए मनुदेव सिनसिनी, यूनियनिस्ट मिशन के संयोजक देव लोहान, जाट सभा के अध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया, एडवोकेट देवेंद्र सिंह आर्य ने भी बैठक को संबोधित किया। नगेंद्र सिंह के संचालन में हुई बैठक में राम दिया, सत्यव्रत आर्य, रामनिवास, धर्मपाल, ओमवीर, शीशपाल, नरेश प्रधान, महावीर राणा, ओमप्रकाश, वीरेंद्र कुमार, इंद्रपाल जाट, ब्रहमपाल, अमित कुमार, विक्की चौधरी मौजूद रहे।
हरियाणा से आएगी युवाओं की टोली
अखिल आदर्श जाट महासभा के अध्यक्ष एडवोकेट सुखवंत सिंह ने बताया कि हरियाणा से युवाओं की 10-15 टोलियां चुनाव के दौरान क्षेत्र में घूमेंगी। ये जाट समाज को भाजपा को वोट नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगी।
चरण सिंह थे बड़े अर्थशास्त्री
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि फेसबुक पर लोगों ने चौधरी चरण सिंह को अनपढ़ बताया हुआ है, जो गलत है। सचाई यह है कि उनसे बड़ा कोई अर्थशास्त्री देश में हुआ ही नहीं है।