बागपत। इस्राइल-अमेरिका और ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे कच्चे तेल के टैंकर पांची गांव के लेफ्टिनेंट कमांडर आकाश त्यागी निकालकर मुंबई ले आए। इस पर उन्हें सम्मान मिलने पर पांची गांव में परिजनों ने खुशी का इजहार किया।
पांची गांव निवासी आकाश त्यागी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं, जो 12वीं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 2019 में एनडीए में भर्ती हुए थे। एनडीए में भर्ती होने के बाद तीन साल का प्रशिक्षण एनडीए पुणे और एक साल का प्रशिक्षण आईएनए कोच्चि केरल में पूर्ण हुआ। इसके बाद उनकी तैनाती मुंबई के कोलाबा के बाद अंडमान निकोबार में रही। इस्राइल-अमेरिका और ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के कच्चे तेल के टैंकर फंस गए थे। वहां से कच्चे तेल के टैंकर निकालकर मुंबई पहुंचाने पर नौसेना के अफसरों ने लेफ्टिनेंट कमांडर आकाश त्यागी और साथी दिग्विजय सिंह चौहान को सम्मानित किया। आकाश के भाई रूपक त्यागी ने बताया कि सम्मानित होने के बाद लेफ्टिनेंट कमांडर आकाश त्यागी ने अपनी मां को फोन करके कच्चे तेल के टैंकर लेकर भारत आने के बारे में बताया। उनके पिता पवन कुमार त्यागी कारोबारी हैं और मां मंजू गृहिणी हैं। छोटे भाई रजत त्यागी सीआईएसएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए हैं, जिनका रामपुर में प्रशिक्षण चल रहा है।