- किसी अन्य के वारंट जारी होने पर रखा गया था आस मोहम्मद को रातभर हवालात में
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वारंट किसी अन्य का होने पर उसकी जगह बेगुनाह को पकड़ कर रातभर हवालात में बंद रखा गया और सुबह परिजनों के हंगामा करने के बाद उसे छोड़ दिया गया। इस मामले पर सीओ ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद लापरवाही उजागर होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।
शहर के पुराने कस्बे के रहने आस मोहम्मद ने बताया कि शुक्रवार रात वह अपने घर के बाहर बैठा हुआ था। तभी बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी उसके पास पहुंचे और उसके वारंट होने की बात कहकर अपने साथ ले जाने लगे। उसने बताया कि उसके खिलाफ कभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ और वारंट भी दूसरे व्यक्ति के हो सकते हैं। उसने पुलिस कर्मियों को सही नाम देखने के लिए कहा। जिससे पुलिसकर्मी भड़क गए और उसे पुलिस की गाड़ी बुलाने व घसीटकर थाने लेकर जाने की धमकी दी। जिसके बाद उसे ले जाकर कोतवाली की हवालात में बंद कर दिया गया। जहां रातभर उसे भूखा प्यासा बंद रखा गया।
सुबह होने पर परिवार वाले व मोहल्ले वालों के आने पर उसे छोड़ा गया। इस मामले में सीओ विजय चौधरी ने बताया कि बेगुनाह युवक को हवालात में बंद रखने का मामला गंभीर है। जिसमें नाम की गलतफहमी के कारण उसे बंद किया गया। जिसकी जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।