बागपत। मानसिक रोगियों की जांच के लिए मिली ईईजी मशीन से जांच शुरू नहीं हुई है। तीन महीने से मशीन को इंस्टॉल कराने और प्रशिक्षण के लिए इंजीनियर का इंतजार किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बार-बार कंपनी को पत्र लिखने के बाद भी इंजीनियर नहीं भेजा जा रहा है।
जिला अस्पताल में मस्तिष्क की जांच के लिए शासन स्तर से तीन महीने पहले ईईजी (इलेक्ट्रो इन्सेफलोग्राम) मशीन भेजी गई थी। जिला अस्पताल में मनोरोगी कक्ष बनाकर मशीन को इंस्टॉल कराने के लिए इंजीनियर की मांग की थी। मशीन से मस्तिष्क में होने वाली बीमारी जैसे दौरा पड़ना, झटका आना, सिर में चोट लगने पर किस हिस्से को नुकसान पहुंचा, सिर दर्द, याद्दाश्त का कम होना आदि की जांच की जाती है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पहले मनोरोगी की काउंसलिंग करते हैं। इसके बाद मशीन से मरीज की जांच की जाती है और उसी के आधार पर इलाज शुरू कराया जाता है। मशीन से मरीज के दिमाग के किस हिस्से में चोट या परेशानी है, इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। मगर तीन महीने बीतने के बाद भी मशीन को इंस्टॉल करने और प्रशिक्षण देेने के लिए इंजीनियर नहीं आया है। इससे मनोरोगियों की मशीन से जांच शुरू नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल में ईईजी मशीन से जांच शुरू होने पर मनोरोगी मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी।