कलक्ट्रेट के बाहर हंगामे के दौरान पुलिस से शव छीन रही एक महिला को हटाते सीओ दिलीप सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नौरोजपुर गुर्जर गांव दो दिन पहले बच्चों के विवाद में घर में घुसकर किए हमले में घायल हुए युवक ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजन शव को लेकर कलक्ट्रेट जाने लगे, पुलिस ने कलक्ट्रेट गेट पर ही रोक लिया।
पुलिस ने जबरन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस दौरान पुलिस और परिजनों में हाथापाई हुई। परिजनों ने हाईवे पर जाम भी लगाने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती कर जाम लगाने वालों को मार्ग से हटा दिया।
नौरोजपुर गुर्जर गांव निवासी जितेंद्र ने बताया 23 सितंबर को उनके बच्चों के साथ पड़ोस के ही वीर सैन और उसके बेटों ने मारपीट कर दी। पूछताछ करने पर आरोपियों ने उनके पूरे परिवार पर हमला कर दिया था।
उसके भाई मिंटू और सोनू के सिर पर प्रहार कर दिया। मां संतोष को भी काफी चोट लगी। उसकी तहरीर पर आरोपी वीर सैन, उसके बेटे कुलदीप, नीरज, सुमित और भाई सुंदर पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
सोनू ने बड़ौत के निजी अस्पताल में सोमवार को दम तोड़ दिया। उधर, दो बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजन अस्पताल से शव को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे।
आरोपियों के बचाव में लगी रही पुलिस
बागपत। पीड़ित परिजनों ने कहा आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर रही है। आरोप है कि पुलिस आरोपियों के बचाव में कार्य कर रही है। पीड़ितांे ने आरोप लगाया आरोपी धमका रहे हैं।