जानलेवा ग्लैंडर्स से पीड़ित घोड़ी (धन्नो) को मौत का इंजेक्शन दे दिया गया। पशु चिकित्सा विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में जहर का इंजेक्शन लगाया। घोड़ी की मौत के बाद उसे ईंट भट्ठे के परिसर में ही दफना दिया गया। घोड़ी के मालिक ने पशु चिकित्सा विभाग को अपना सहमति पत्र दिया। इस दौरान आसपास के काफी लोग मौजूद रहे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ राजपाल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान हिसार ने फखरपुर गांव के ईंट भट्टे पर कार्य करने वाले शामली जनपद के गांव सिलावर निवासी महमूद की घोड़ी में ग्लैंडर्स नामक जानलेवा बीमारी की पुष्टि की थी। निदेशालय पशु पालन ने वर्ष 2009 के एक्ट का हवाला देते हुए घोड़ी को मारने के निर्देश दिए।
शनिवार को सीवीओ डॉ राजपाल सिंह ने एसडीएम खेकड़ा रूपाली कौशिक और सीओ से मिलकर मामले से अवगत कराया। शाम चार बजे ईंट भट्ठे पर घोड़ी मालिक महमूद से सहमति पत्र भरवाया गया। डॉ राजपाल सिंह के अलावा डॉ मुकेश गुप्ता, डॉ लोकेश अग्रवाल, डॉ राकेश कसाना, डॉ अमित सक्सेना की टीम ने घोड़ी को जहर का इंजेक्शन दिया।
घोड़ी की मौत के बाद भट्ठे के परिसर में ही गड्ढा खुदवाकर उसे दफना दिया गया। इस बीच यहां महमूद का परिवार भी मौजूद रहा। सीवीओ ने बताया कि डीएम हृदय शंकर तिवारी को भी मामले से अवगत कराया गया है।
केवल 25 हजार का मुआवजा
ईंट भट्ठे पर महमूद अपनी घोड़ी से परिवार का गुजर बसर कर रहा था। दूसरी घोड़ी लेने में उसे कम से कम एक लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे, लेकिन विभागीय नियमों में मुआवजे के तौर पर उसे केवल 25 हजार रुपये की धनराशि ही मिलेगी। सीवीओ ने बताया कि घोड़ी मार दी गई है, अब महमूद के मुआवजे के लिए फाइल तैयार कराई जाएगी।
धन्नो को देखता रह गया बेबस महमूद ः शामली के सिलावर गांव निवासी महमूद ने बताया कि घोड़ी करीब दो माह से बीमार थी। शनिवार को ही उसे जानकारी मिली कि उसे कोई भयंकर बीमारी है। अधिकारी लोग आए और घोड़ी को मारने की बात कही। घोड़ी को मरता देख बेबस महमूद का कहना है कि अब उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा।
क्या था मामला?
फखरपुर गांव के ईंट भट्ठे पर महमूद की घोड़ी को गंभीर बीमारी के लक्षण मिलने पर 18 जून को पशु चिकित्सा विभाग ने सैंपल लिए थे। इन्हें जांच के लिए हिसार भेजा। यहां से चौंकाने वाली रिपोर्ट आई। घोड़ी को ग्लैंडर्स नामक बीमारी की पुष्टि हुई। सीवीओ ने बताया कि पशु निदेशालय ने घोड़ी को मारने के निर्देश दिए। इस पर डीएम और एसपी को मामले से अवगत कराया गया। भयंकर बीमारी के चलते जिले को कंट्रोल एरिया घोषित कराया गया है, जिससे यह बीमारी फैलने से बच जाए।