बागपत में ज्योतिष पीठ एवं द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा सिर्फ सभी हिंदू ही भारत माता की जय बोलें तो ही काफी हैं। ओवेसी और उसके समर्थकों के भारत माता की जय न बोलने से क्या होगा। जब एक अरब हिंदू भारत माता की जय बोलेंगे तो कुछ लोग न बोलें उससे भारत में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
जगद्गुरु शंकराचार्य शनिवार को बागपत के पक्का घाट स्थित मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा भारत माता की जय बोलने को लेकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, जिसे न बोलना हो न बोले। लेकिन हिंदू तो कम से कम एकमत होकर भारत माता की जय बोलें। उन्होंने कहा पहले स्कूलों में धार्मिक एवं संस्कारित शिक्षा दी जाती थी। जिससे बच्चे संस्कारवान एवं धार्मिक बनते थे, लेकिन अब किसी स्कूल में रामायण, गीता का ज्ञान नहीं दिया जाता। क्योंकि मुसलमानों को आपत्ति हो सकती है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ सभी तीर्थों पर सभी वर्ग, सभी जाति के लोग जाते हैं, कहीं कोई जातिवाद नहीं है। दलित हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। समाज में भेदभाव नहीं होना चाहिए, सभी एक हैं। उन्होंने कहा त्रयंबकेश्वर मंदिर की चौखट ऊंची-ऊंची हैं और जगह काफी कम हैं। जहां महिलाओं को जाने में परेशानी हो सकती है, गर्भवती महिलाओं को तो वहां जाने में मुश्किल होती ही है।
भीड़ अधिक होने के चलते पुरुष तो किसी प्रकार निकल सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए मुसीबत हो जाती है। इसलिए हमारे पूर्वजों ने महिलाओं के भले के लिए उस मंदिर में महिलाओं को न आने के लिए कहा। बाद में इसे परंपरा बना दिया।
उन्होंने बताया सनातन धर्म सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ है।
सभी धर्मों में यह तो माना जाता है कि मरने के बाद जन्नत नसीब होती है। लेकिन जन्नत क्या है, जहां सभी ऐशो आराम हों। मोक्ष की बात सनातन धर्म के अलावा कहीं भी नहीं की गई है। मोक्ष का मतलब है सभी दुखों से मुक्ति। इससे पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य के पक्का घाट मंदिर में पहुंचने पर मंदिर के पुरोहित राम स्वरूप ब्रह्मचारी ने उनका जोरदार स्वागत किया। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने उनकी अर्चना एवं चरण वंदना की एवं आरती उतारी।
शनि देवता नहीं कुग्रह है
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा शनि को पूजने की परंपरा चल पड़ी है, मंदिर बनाए जा रहे हैं, जबकि शनि कोई देवता नहीं बल्कि कुग्रह है। जिस पर शनि की दृष्टि पड़ जाती है उसका अनिष्ट हो जाता है। भगवान गणेश के जन्म के बाद उन पर शनि की दृष्टि पड़ी तो उनका सिर काट दिया, बाद में हाथी के बच्चे का सिर लगाया गया।
हिंदू सिर्फ अपने देवताओं का पूजन करें
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कुछ लोग मजार पर जाकर पूजा करते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा हिंदू सिर्फ अपने देवताओं की ही पूजा करें। उन्होंने कहा हिंदू देवता ही काफी हैं पूजा करने के लिए, मजार पर हिंदुओं को जाने की जरूरत नहीं है।