बागपत। ऊर्जा निगम के लाइनमैन संजीव की मौत राज बनकर रह गई है। उसकी पत्नी का आरोप है कि पुलिस सड़क हादसा बना रही है। जबकि उसके पति की हत्या की गई है। उसने एसपी से हस्तक्षेप करके केस की क्राइम ब्रांच से विवेचना कराने अन्यथा उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की।
बड़ौत के बावली रोड निवासी महिला आंचल ने एसपी अजय शंकर राय को दिए ज्ञापन में बताया उसके पति संजीव ऊर्जा निगम में संविदा पर लाइनमैन थे। 12 दिसंबर 2014 को सड़क पर उनका शव पड़ा मिला था। पुलिस ने जांच कर बताया था कि उसके पति बाइक पर सवार थे, उनकी सड़क हादसे में मौत हुई है, जबकि उस दिन उसके पति बाइक नहीं ले रहे थे। उनको कार में देखा था, उनकी हत्या की गई है। पुलिस सच्चाई पर पर्दा डाल रही है। जिन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने उनसे अभी तक पूछताछ नहीं की है और न ही उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है। नौ माह बाद एक मुकदमा दर्ज हुआ। उसको भी पुलिस ने क्लोज कर दिया। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
वह शनिवार को अपने बच्चों और ससुर के साथ एसपी दफ्तर में पहुुंची। उसने एसपी से मांग की कि केस की विवेचना क्राइम ब्रांच से कराई जाए, ताकि उनको न्याय मिले सके या उसको, उसके बच्चों और ससुर को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। एसपी अजय शंकर राय ने उनको केस की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।