सरकारी भूमि के सर्वे के विरोध में किसानों ने तहसील में दिया धरना
खेकड़ा (बागपत)। गांव सांकरौद यमुना खादर में सरकारी भूमि के सर्वे के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील पर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित एसडीम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खादर में रेत खनन ना होने देने, हल्का लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण खेकड़ा तहसील में पहुंचे। वहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। कहा कि उनके खेतों से रेत लदे वाहनों को निकाला जाता है। खनन होने से प्रतिवर्ष यमुना नदी का बहाव यूपी की तरफ बढ़ता जा रहा है और खेतों पर खड़ी उनकी फसलें नष्ट हो रही है। इसलिए वे यमुना खादर में रेत खनन नही होने देंगे। प्रशासन को यदि सरकारी भूमि का सर्वे कराना है तो मवीकलां गांव की सीमा से जमीन की मापतौल शुरू कराई जाए क्योंकि खादर की भूमि की चकबंदी नहीं हो रही है। आंदोलित किसानों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर गांव खादर में रेत खनन ना होने देने, रेत खनन पट्टा निरस्त किए जाने के साथ ही संबंधित हल्का लेखपाल का तबादला किए जाने की मांग की। उपजिलाधिकारी के मामले की जांच कराने के आश्वासन पर किसान धरना समाप्त कर चले गए। इस दौरान लोकदल नेता अहमद हमीद, रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह, कृष्णपाल चेयरमैन, ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह, जितेंद्र धामा, देवेंद्र धामा, मनबीर सिंह, शिवकुमार, यशवीर, कालूराम, पवन धामा, राजेंद्र, सतेंद्र, धर्मपाल आदि शामिल रहे। उपजिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि किसानों से वार्ता की गई है। उनकी खनन पट्टा निरस्त कराने की मांग थी। जो शासन स्तर का मामला है। किसानों को यह जानकारी दे दी गई है। मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि लेखपाल राहुल की तहरीर पर किसानों के खिलाफ धारा 147, 149, 353 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
गौरतलब है कि गांव सांकरौद में पिछले चार माह से खनन के विवाद को लेकर किसान यमुना खादर में धरने पर बैठे हुए है। किसानों का आरोप है कि उनके खेतों के बीच से रेत खनन के लिए रास्ता बनाया जा रहा था। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी जमीन तलाशने के लिए सर्वे टीम यमुना खादर में गई थी। लेकिन किसानों ने टीम का विरोध किया। इसके बाद बगैर सर्वे किए ही टीम को वहां से लौटना पड़ा था। इसके बाद टीम में शामिल हल्का लेखपाल राहुल ने कोतवाली में पहुंचकर किसान परवीन, रामकृपाल, गजेंद्र, हरबीर और ओमबीर आदि के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, टीम के साथ धक्कामुक्की करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। लेखपाल राहुल की तहरीर पर पुलिस ने रात में एक नामजद किसान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पता लगने पर गांव के अनेकों किसानों ने रात में कोतवाली में पहुंचकर घेराव किया और पकडे़ गए किसान को रात में ही छुड़ा ले गए थे।