बता दें कि शराब के कारण ही अक्टूबर 2020 में सोनीपत शहर के मयूर विहार, जटवाड़ा, गुमड़ गांव में 42 लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी साफ हो गया था कि जहरीला केमिकल शराब में होने के कारण उनकी मौत हुई है। उस वक्त नकली शराब की दो फैक्टरियों को पकड़ा गया था। मगर, अब वहां से दोबारा वह नकली शराब यहां चुनाव के लिए सप्लाई हो रही है।
जहरीले रसायन से तैयार होती है अवैध शराब
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत बताते है कि फैक्टरी में बनने वाली शराब में सभी रसायन को जांच के बाद नियमित मात्रा में डाला जाता है। मगर, अवैध फैक्टरी में रसायन को बिना जांच के डालकर नकली शराब बनाई जाती है। इस शराब पीने से किसी की मौत हो सकती है। अगर शराब पीने के बाद उसे समय पर उपचार देकर बचा लिया जाता है तो उसकी किडनी, लीवर खराब होने की आशंका रहती है। आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
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हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से कैसे निकले तस्कर
हरियाणा के सोनीपत के जिस सिसाना गांव से शराब लेकर आने की बात तस्करों ने बताई है, उससे यह साफ है कि वह हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से निकलकर पिलाना तक पहुंचे है। इनमें हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा, राई व कुंडली थाने है तो बागपत के खेकड़ा, बागपत, चांदीनगर थाने है। इस तरह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहा है।
शराब की तस्करी को लेकर हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से बात हुई है। वहां के तस्करों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही हरियाणा व बागपत दोनों तरफ चेकिंग बढ़ाने के लिए कहा गया है। जितने भी तस्कर है, उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
- नीरज कुमार जादौन, एसपी