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बजट के बिना स्कूलों में विद्यार्थी कैसे खाएंगे लड्डू, खीर और हलवा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में छात्रों को मध्याह्न भोजन के साथ लड्डु, हलवा और खीर देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इसके लिए अलग से कोई बजट जारी नहीं किया गया है। बिना बजट के लड्डू, खीर और हलवा कहां से दिया जाएगा यह किसी को भी समझ नहीं आ रहा है। उधर रसोइया भी मध्याह्न भोजन के अलावा खीर और हलवा बनाने में असमर्थता जता रहीं हैं, जिससे परेशानी और बढ़ सकती है।
स्कूलों में छात्र-छात्राओं को लिए सप्ताह में खाने का मेन्यू निर्धारित किया गया है। छात्रों को मेन्यू के आधार पर सब्जी-रोटी, दाल, चावल, तहरी, दूध और फल का वितरण किया जाता है। शासन स्तर से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए अलग-अलग कन्वर्जन कॉस्ट निर्धारित की गई है। अब शासन ने 11 से 17 अगस्त तक छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन के साथ लड्डू, खीर और हलवा का वितरण करने के निर्देश दिए है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो साल से कन्वर्जन कॉस्ट नहीं बढ़ाई गई है। बच्चों को लड्डू, हलवा और खीर उपलब्ध कराने के लिए अलग से बजट भी जारी नहीं किया गया है, ऐसे छात्रों को मेन्यू के आधार पर भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
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- ऐसे मिलती है कन्वर्जन कॉस्ट
शासन की ओर से प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 4.97 रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर पर 8.45 रुपये प्रति छात्र मिलते हैं। स्कूलों में पंजीकरण छात्र संख्या के आधार पर प्रत्येक महीने 80 प्रतिशत छात्रों की कन्वर्जन कॉस्ट की राशि प्रबंध समिति के खाते में स्थानांतरित की जाती है। स्कूल स्तर से प्रतिदिन मिड-डे-मील खाने वाले बच्चों की संख्या पोर्टल पर अपलोड की जाती है। पूरे महीने के औसत में 80 प्रतिशत से अधिक छात्र होने पर अगले महीने अतिरिक्त कन्वर्जन कॉस्ट जारी की जाती है, जबकि 80 प्रतिशत से कम छात्र संख्या होने पर अगले महीने स्कूल को मिलने वाली धनराशि से कटौती कर ली जाती है।
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- दो साल में गैस सिलिंडर के दाम दोगुना हो गए हैं। शासन ने भोजन के अलावा खीर, हलवा और लड्डू वितरण के निर्देश दिए हैं, मगर बजट जारी नहीं किया है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - योगेश शर्मा, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय बागपत
- महंगाई अधिक होने के कारण पहले ही बच्चों को एमडीएम उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है, हलवा, खीर और लड्डू देने का नया निर्देश मिला है। शासन को मेन्यू जारी करने से पहले कन्वर्जन कॉस्ट बढ़ानी चाहिए थी। - तेजपाल सिंह, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय सिसाना
- मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत भोजन निर्माण की लागत दो साल से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि दूध, फल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। - हरेंद्र कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक, कंपोजिट विद्यालय कान्हड़
- शासन ने छात्रों को लड्डू, हलवा और खीर वितरण के निर्देश कर दिए हैं, मगर बजट किस मद से खर्च किया जाएगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। रसोइया भी खीर और हलवा बनाने से इंकार कर रही है। - मनोज कुमार, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय खेड़की
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वर्जन-
शासन ने 11 से 17 अगस्त तक छात्रों को मध्याह्न भोजन में मेन्यू के अलावा लड्डू, खीर और हलवा का वितरण करने के निर्देश दिए हैं, जबकि बजट के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस बारे में शासन से डिमांड की गई है। फरजान शैरफ, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन प्राधिकरण
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