- बागपत में 111 उद्यमियों ने 17 हजार करोड़ का निवेश करने के लिए किया था आवेदन
- इनमें से 95 के एमओयू भी जारी हो चुके, अब जमीन नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी
- यहां अभी केवल अमूल को मिली जमीन तो अन्य कई ने पहले खरीदी हुई थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। उद्योगों के लिए 17 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव भले ही आए हो। लेकिन यह उद्योग जमीन पर कैसे उतरें, जब उद्यमियों को जमीन ही नहीं मिल रही है। यही कारण है कि केवल अभी तक अमूल को जमीन मिली है और कुछ उद्यमियों के पास पहले से जमीन है। अन्य उद्यमियों अब सरकार से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग कर रहे हैं।
बागपत में 24 जनवरी को इन्वेस्टर्स समिट हुई थी, जिसमें 91 उद्यमियों ने 7096 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया था। तब यह माना जा रहा था कि यह निवेश बढ़कर अधिकतम दस हजार करोड़ तक पहुंच सकता है। लेकिन उसके बाद भी उद्यमियों ने खूब रूचि दिखाई और वह लगातार निवेश करने के लिए प्रस्ताव देते रहे। जिससे यहां 111 उद्यमियों ने 17 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिए और इनमें से करीब 95 ने एमओयू भी जारी कराए है। लेकिन अब उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी जमीन को लेकर खड़ी हो गई है। क्योंकि यहां उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं मिल रही है। ऐसे में उद्यमी सरकार से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग करने लगे है। अगर ऐसा नहीं होता है तो निवेशक यहां से मुंह मोड़ सकते है।
अमूल ने पहले से तैयारी होने के कारण खरीदी जमीन
यहां दूध कंपनी अमूल ने भी 800 करोड़ का निवेश करने के लिए प्रस्ताव दिया था। अमूल ने पहले से प्लांट लगाने की तैयारी की हुई थी और इसलिए जमीन खरीदने की कार्रवाई भी उनकी पहले से चल रही थी। जिसमें उन्होंने 90 बीघा जमीन खरीदी है और उसपर प्लांट भी जल्द ही अन्य प्रक्रिया पूरी करने के बाद लगाना शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा कुछ ऐसे उद्यमी है, जिनके पास पहले से जमीन है। वह भी निवेश कर सकते है, जबकि करीब 80 से ज्यादा निवेशकों के लिए जमीन बड़ी समस्या बनी है।
यहां उद्यमियों को जमीन नहीं मिल रही है। सरकार को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना चाहिए, जिससे उद्यमियों को जमीन मिल सके। उसके बाद ही यहां उद्योग लग सकते है। क्योंकि उद्यमी अगर ज्यादा दाम की जमीन खरीदेंगे तो वह उद्योग में निवेश नहीं कर सकेंगे। संजीव गोस्वामी, अध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
अमूल ने जमीन खरीदी है और उसका प्लांट जल्द ही लगना शुरू हो जाएगा। अन्य उद्यमी भी धीरे-धीरे जमीन देख रहे है। जमीन की कुछ समस्या जरूर है और उद्यमियों की विभाग से पूरी मदद की जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का भी प्रस्ताव है। - अर्चना तिवारी, जिला उपायुक्त उद्योग