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बुखार के मरीजों से अस्पताल फुल, दवाई देकर भेजने पड़ रहे घर

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बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बच्ची - फोटो : BAGHPAT
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बुखार के मरीजों से अस्पताल फुल
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बागपत। मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार तेजी से फैल रहा बुखार के मरीज बढ़ने से जिला अस्पताल फुल हो गया है। इसके बाद भी वहां मरीज लगातार पहुंच रहे है और उनको दवाई देकर वापस घर भेजना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में सभी 30 बेड बुखार के मरीजों से भर गए हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अगर कोई गंभीर स्थिति में मरीज आता है तो उसको सर्जरी वार्ड में भर्ती किया जाएगा। वायरल बुखार के मरीज बढ़ने से अस्पताल प्रबंधन के लिए भी परेशानी होती दिख रही है। क्योंकि जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1200 मरीज पहुंच रहे हैं और उनमें करीब 200 मरीज बुखार से पीड़ित हैं। जहां पहले थोड़ी भी समस्या लगने पर सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया जाता था। वहीं, अब बुखार की स्थिति में भी मरीजों को दवाई देकर घर आराम करने की सलाह दी जा रही है।
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वायरल के बाद पेट की बीमारी से परेशान मरीज
वायरल बुखार ठीक होने के बाद भी मरीजों की समस्या दूर नहीं हो रही है। बुखार के बाद पेट की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि वायरल के बाद कुछ भी खाने पर पेट में दर्द हो जाता है। अल्ट्रासाउंड के लिए लाइन लग रही है, लेकिन अल्ट्रासाउंड कराने में परेशानी आ रही है और मरीजों को कई-कई दिन बाद का समय दिया जा रहा है।
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कैंप में गए व छुट्टी पर चिकित्सक, मरीज रहे परेशान
जिला अस्पताल के पैथोलोजिस्ट डॉ. रविकांत शुक्ला शनिवार को रक्तदान शिविर में गए हुए थे। सर्जन डॉ. पारुल की खेकड़ा ड्यूटी थी तो डॉ. हरीश के छुट्टी पर होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। मरीजों के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि जब वह जांच के लिए आते हैं तो उनको चिकित्सक नहीं मिलते।
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अस्पताल में कोई भटकता रहा, किसी को दवाई देकर भेजा
बड़ौत के अनिल कुमार ने बताया कि उसको वायरल के बाद पेट में परेशानी हो रही है। उसे अल्ट्रासाउंड के लिए शनिवार का समय दिया गया था। वह खाली पेट आया था। लेकिन जिला अस्पताल में कोई सही जानकारी भी नहीं देता है। बागपत में बड़ौत रोड के रहने वाले वीरसेन ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार है। वह जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचा था, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं होने के कारण भटकना पड़ा। उसे पेट में समस्या होने पर अल्ट्रासाउंड भी कराना था तो उसे वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। नौरोजपुर गुर्जर के रहने वाले फरमान ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में काफी देर तक परेशान होना पड़ा, उसके बाद दवाई देकर घर आराम करने के लिए कह दिया गया है।
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वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन उनको पूरा उपचार दिया जा रहा है। सामान्य वार्ड के बेड भरने पर मरीजों को सर्जरी वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जिनको दवाई देकर घर में आराम करने से बुखार ठीक हो सकता है, उनका इस तरह ही उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक अन्य जगह ड्यूटी होने पर ही कक्ष से जाते हैं, क्योंकि इस समय कैंप भी चल रहे है। डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस जिला अस्पताल
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कैंप लगाकर 30 संदिग्धों के सैंपल लिए
दोघट। बिनौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि भड़ल में महिला व दोघट में बच्चे की बुखार से मौत होने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। जिसमें दोघट में 51 मरीजों को दवाएं दीं, जबकि 12 संदिग्धों सैंपल लिए। इसके अलावा भड़ल गांव में 18 संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच कराई। जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस दौरान डॉ. संजीव कुमार, मनोज कुमार, भीमचंद, रेणू मौजूद रहे।
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बागपत जिला अस्पताल में बंद पड़े अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर चिकित्सक पर नाराजगी व्याप्त करते मरी?- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्पताल में स्थित फिजिशियन कक्ष के बाहर चिकित्सक के इंतजार में बैठे मरीज- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्तपाल में भर्ती बुखार से पीड़ित मरीज- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्पताल में चिकित्सक के न होने पर परेशान खड़े मरीज- फोटो : BAGHPAT

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