बागपत । होलिका दहन को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी है। पंडितों के अनुसार होलिका पूजन तो मंगलवार को ही होगा, लेकिन होलिका दहन बुधवार को सुबह साढ़े 4 बजे अथवा शाम को साढ़े छह बजे के बाद होगा। दुल्हैंडी 24 मार्च को ही होगी।
होली का त्यौहार कई क्षेत्रों में 22 को होलिका दहन की तैयारी की जा रही है तो कुछ इलाकों में 23 को होली दहन होगा। होलिका पूजन को लेेकर लोगों में भारी असमंजस की स्थिति है।
ठाकुरद्वारा मंदिर के पुजारी पंडित कृष्णानंद शास्त्री का कहना है कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को होलिका दहन होता है। इस वर्ष पूर्णिमा फाल्गुन शुक्ल पक्ष मंगलवार को दिन में 2 बजकर 29 मिनट से शुरू हो रही है और बुधवार 23 मार्च को पूर्णिमा दिन में 4.08 बजे पर समाप्त हो रही है।
मंगलवार 22 मार्च को ही प्रदोष काल में पूर्णिमा मिल रही है, लेकिन इस दिन भद्रा भी घटयादि दिन 2.29 बजे से घटयादि 3.19 बजे तक है। भद्रा समाप्ति रात्रि 3.19 बजे के बाद हो रही है। इसलिए होलिका दहन का शुद्ध समय भी यही मिल रहा है।
हालांकि हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, पूरे दिन वही मानी जाती है। इसलिए बुधवार की शाम 6.30 बजे से 8.53 बजे तक का समय भी होलिका दहन किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को होली बसंतोत्सव यानी दुल्हैंडी मनाई जाएगी, लेकिन होलिका पूजन का समय 22 मार्च मंगलवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 2.29 बजे तक का ही है। होलिका पूजन मंगलवार को ही होगा।