मतगणना परिणाम के साथ ही होली का रंग भी होगा चटख
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च यानी आज होगी। मतगणना के परिणाम के साथ ही होलाष्टक का रंग भी चटक होगा। इसी दिन से आठ दिनों की होली की शुरुआत होगी। 17 मार्च को होलिका दहन और 18 मार्च को होली का रंग होगा। सनातन परंपरा में उमंग व उल्लास से भरी होली महापर्व का बहुत महत्व है। इस महापर्व से आठ दिन पूर्व शुभ कार्यों के करने की मनाही होती है, जिसे होलाष्टक कहा जाता है।
साल की शुरुआत होते ही पहला बड़ा त्यौहार होली का ही होता है। पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। मगर, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से ही होलाष्टक लग जाता है। फाल्गुन अष्टमी से होलिका दहन तक आठ दिनों तक मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस आठ दिन भले ही शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन देवी-देवताओं की आराधना के लिए ये दिन बहुत ही श्रेष्ठ माने जाते हैं।
उन्होंने बताया कि हिंदुओं में सोलह संस्कार जन्म से लेकर मृत्यु तक किए जाते हैं। इनमें गर्भाधान, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म, विद्यारंभ भूत संस्कार, कर्णवेध, यज्ञोपवीत, वेदारंभ, केशांत, समावर्तन, विवाह, अन्त्येष्टि हैं। होलाष्टक में सोलह संस्कार समेत कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। इन दिनों में भगवान की भक्ति और पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जो उत्तम माना गया है। होलाष्टक के दौरान दान-पुण्य करने का अक्षय फल प्राप्त होता है।