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Baghpat News: जल्द धुलेंगे हिंडन और कृष्णा के ‘दाग’

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कृष्णा नदी में उठते प्रदूषित पानी के झाग ।
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- सर्वे के लिए शासन से 30 लाख रुपये हुए मंजूर
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गाजियाबाद ड्रेनेज को बनाया गया नोडल

- बनाई गई 15 टीमें, 200 से अधिक लोग सर्वे कार्य में जुटे

मुकेश पंवार

फोटो संख्या 1.........

बड़ौत (बागपत)। जनपद के 50 से अधिक गांवों के लिए दशकों से जीवनदायनी से काल बनी हिंडन और कृष्णा नदी के दाग जल्द धुलेंगे। इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। इन नदियों के सुंदरीकरण और कटान का कार्य सहित अन्य कार्यों के लिए सर्वे कार्य शुरू करने के लिए 30 लाख की धनराशि भी आवंटित कर दी है। हालांकि सिंचाई विभाग के अफसरों ने बागपत, शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद में सर्वे कार्य के लिए शासन से 50 लाख की मांग की थी, लेकिन शासन स्तर से फिलहाल 30 लाख रुपये ही मिल सके है। जिनमें से बागपत के लिए मात्र सात लाख रुपये ही सर्वे कार्य के लिए दिए गए हैं। संवाद


गाजियाबाद ड्रेनेज को बनाया गया नोडल

दोनों नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाने की कवायद तेज हो गई है। बागपत में शासन से 7़ 30 लाख रुपये की धनराशि आवंटित होने के बाद सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। बताया कि दोनों नदियों को स्वच्छ व साफ बनाने के लिए गाजियाबाद ड्रेनेज को नोडल बनाया गया है। दोनों नदियों पर सभी जनपदों में तकरीबन 15 टीमों को लगाया गया है, जिनमें 200 से अधिक लोग शामिल किए गए हैं। सर्वे के दौरान नदियों के चौड़ीकरण के अलावा अतिक्रमण की स्थिति की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगें। जिसके बाद नदियों को साफ करने का कार्य शुरू होगा।
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मुजफ्फरनगर बोर्ड के सरोरा गांव से शुरू होती है हिंडन नदी

जनपद में बहने वाली हिंडन नदी मुजफ्फरनगर बोर्ड के पास बसें सरोरा गांव से शुरू होकर गाजियाबाद बार्डर के सरफाबाद गांव पर जाकर समाप्त होती है। जनपद बागपत में लगभग 65 किलोमीटर लंबी हिंडन नदी है।

बरनावा में होता है कृष्णा का हिंडन में विलय

कृष्ण नदी जनपद गांव के असारा गांव से शुरू होकर बरनावा गांव के पास तक जाती है, जहां उसका हिंडन में विलय हो जाता है। बागपत में लगभग 29 किलोमीटर लंबी कृष्णा नदी है।


दोनों नदियों के किनारे बसे हैं 50 से अधिक गांव

नदी किनारे बसे रहतना, मांगरौली, बुढपुर, असारा, गांगनौली, बरनावा, चिरचिटा, गल्हैता, शाहपुर बाणगंगा, खपराना, सरौरा, गढ़ी बंजारन, गांगनौली, झूड़पुर, तमेलागढ़ी, हिम्मतपुर सूजती, बामनौली, आजमपुर मुलसम, भगवानपुर, रहतना, खपराना, मौजिजाबाद नांगल सहित 50 से अधिक गांव बसे हुए है।


काल बन रही नदियां

जिले के लोगों के लिए हिंडन और कृष्णा नदी अब अभिशाप बन गई है। प्रदूषित जल बीमारियां परोस रहा है। बुढपुर, असारा, गांगनौली, दाहा, निरपुडा, भड़ल और गांगनौली सहित अन्य गांवों में ब्लड कैंसर और लीवर कैंसर से मरने वालों की संख्या 150 से अधिक है। नदियों में फैक्ट्रियों का गंदा पानी बहता है।


पानी में नाइट्रेट, फ्लोराइड, फास्फोरस और केडियम की मात्रा है अधिक

सहारनपुर और शामली से आने वाले प्रदूषित जल ने जिले में विकट हालात पैदा कर दिए हैं। एक सौ फीट गहराई तक भूजल प्रभावित है। हैंडपंपों से निकलने वाले पानी में नाइट्रेट, फ्लोराइड, फास्फोरस और केडियम की मात्रा अधिक है। इससे कैंसर जैसे घातक बीमारी हो रही है। सैकड़ों लोग कैंसर से मर चुके है और सैकड़ों पीड़ित है।
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सर्वे के बाद कृष्ण नदी और हिंडन नदी को साफ किए जाने का कार्य होगा शुरू

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की नमामि गंगे के अंतर्गत कृष्णा व हिंडन नदी के सुंदरीकरण और कटान का कार्य करने के लिए पहले सर्वे कार्य होना है। बताया कि बागपत में सर्वे कार्य कराने के लिए शासन से 10 लाख रुपये मांगे थे, जिसके सापेक्ष 7़ 30 लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई है। जबकि शामली में 10 लाख, सहारनपुर में 15 लाख और गाजियाबाद में 15 लाख रुपये सर्वे कार्य पूरा करने की डिमांड भेजी गई है।

कृष्णा नदी में उठते प्रदूषित पानी के झाग ।

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