कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल में हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अब छात्र-छात्राएं आगे आने लगे है। शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी है हम’ के अभियान तहत कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्र-छात्राओं ने कहा कि हिंदी मातृ भाषा है, जबकि अंग्रेजी विषय है। इसलिए अंग्रेजी को केवल विषय के रूप में लें।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य अजय शर्मा और प्रबंधक फारूख महमूद ने किया। प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने कहा कि विश्व में काफी संख्या में ऐसे देश हैं जिन्होंने अपनी मातृभाषा नहीं बदली है। ऐसे में हमें भी अपनी मातृभाषा हिंदी को दोयम दर्ज की भाषा नहीं बनानी है। भारतीय की पहचान हिंदी से है, न कि अंग्रेजी से। अब विश्व के देशों ने भी मान लिया कि बिना हिंदी के काम नहीं चल सकता है।
हम अंग्रेजी की ओर भाग रहे
छात्रा सांची ने कहा कि प्रतियोगिता के दौर में हम अंग्रेजी की ओर भाग रहे है, जिससे हिंदी पीछे छूटती जा रही है। जीवन में एक समय ऐसा आता है कि सिर्फ हिंदी ही जुबान पर रह जाती है, अन्य भाषाएं काम नहीं आती है। अभिभावकों को भी यह समझना होगा।
भावनाआें को अंग्रेजी में व्यक्त नहीं कर सकते
वंशिका ने कहा कि हम अपनी भावनाओं को अंग्रेजी में व्यक्त नहीं कर सकते हैं। उसके लिए हिंदी ही सशक्त माध्यम है। अंग्रेजी भी होनी चाहिए लेकिन बिना हिंदी के काम नहीं चल सकता है। हिंदी हमारे खून में रमी होती है।
अपनी बात कहने के लिए मातृ भाषा ही सशक्त माध्यम
वंश ने कहा कि वर्तमान में ऐसा लगता है कि अंग्रेजी न बोलने पर हम हीनभावना से ग्रसित हो जाते है। इससे बचना होगा। अपनी बात कहने के लिए मातृ भाषा ही सशक्त माध्यम है। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए टीचर की भूमिका अहम है।
राष्ट्र की समृद्धि का आधार ही हिंदी
समीक्षा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि का आधार उसकी मातृभाषा होती है। उन्होंने कहा कि बिना मातृ भाषा के हम उन्नति नहीं कर सकते हैं। कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। कविता और कहानी में अंग्रेजी भाव नहीं आता है। इसके लिए हिंदी की जरूरत है।