फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां एटीएम का मतलब ऑल टाइम मायूसी

विज्ञापन
बड़ौत की बिनौली रोड़ पर बंद पड़ा एटीएम । - फोटो : BARAUT
विज्ञापन
अमर उजाला लाइव
विज्ञापन

नगर में एक दर्जन से भी अधिक सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम
ज्यादातर में नहीं रहता कैश तो कभी रहती है तकनीकी खराबी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों ने एटीएम खोलने में जितनी तेजी दिखाई थी, अब रुपये डालने में उतनी ही कंजूसी दिखा रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक ज्यादातर एटीएम में नो कैश की स्थिति रहती है। एटीएम के खाली होने लोग नगदी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। शहर में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, ओरियंटल बैंक, आईसीआईसी बैंक, बैक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक के एटीएम हैं, मगर दो-चार एटीएम को छोड़कर अन्य सभी से रुपये नहीं निकल रहे हैं। कुछ पर तो तकनीकी खराबी के बोर्ड टांग दिए गए है।
फतेहपुर पुट्ठी
अपराह्न सवा ग्यारह बजे फतेहपुर पुट्ठी गांव स्थित केनरा बैंक एटीएम ठप पड़ा था। क्षेत्रवासी बताते है कि कभी एटीएम पर ताला लगा रहता है तो कभी मशीन खराब। शुक्रवार को भी लाइट न होने के कारण एटीएम ठप पड़ा था।
विज्ञापन

बिनौली रोड
दोपहर एक बजकर 42 मिनट पर पंजाब नेशनल बैंक बिनौली रोड के एटीएम पर शटर गिरा हुआ था। ग्राहक शटर गिरा देखकर मायूस लौट रहे थे। दोपहर एक बजकर 50 मिनट केनरा बैंक बिनौली रोड के एटीएम में भी रुपये न निकलने पर लोग मायूस लौट रहे थे।
ये बोले ग्राहक
ग्राहक अरुण कुमार प्रधान व शुभम का कहना है कि आधुनिकता के इस दौर में भी बैंकों के एटीएम पर ताले लटके रहते है, जबकि हरियाणा व दिल्ली जैसे शहरों में हरदम एटीएम खुले भी रहते है और नकदी भी। उन्होंने एटीएम में कभी-कभार ही नकदी डालने पर आक्रोश जताया।
विज्ञापन

नकदी का कोई संकट नहीं है। शहर के सभी एटीएम में पर्याप्त नकदी डाली जा रही है। हां इतना जरूर है, कि डिमांड बढ़ गई है। ग्राहकों के साथ कोई वारदात न हो, इसलिए ऑनलाइन भुगतान पर अधिक जोर दिया जा रहा है। कभी-कभार तकनीकी खराबी के कारण भी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। कहा कि जो एटीएम बंद या खराब बताए जा रहे है, संबंधित बैंक मैनेजर से बातचीत कर कारण पूछा जाएगा। - राजेश पंत, एलडीएम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें