बागपत। महायोजना 2031 में हुए बदलाव के बाद आई आपत्तियों पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। सुनवाई के बाद ईस्टर्न पेरिफेरल के पास हरित पट्टी में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कमिश्नर की अध्यक्षता में जल्द बोर्ड बैठक कराकर 15 जुलाई तक शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का जून 2022 में ड्राफ्ट तैयार किया था। इसपर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। इसको लेकर 568 आपत्तियां मिली थी, जिन पर तभी सुनवाई करके निस्तारण करके कमिश्नर की मुहर लगने के बाद शासन में भेजा गया था। इसके बाद महायोजना में बदलाव शुरू किया गया और उसमें कई बड़े बदलाव करके दोबारा आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। 30 जून तक करीब 290 नई आपत्तियां व सुझाव आए और उनपर बुधवार से सुनवाई शुरू की गई थी जो शुक्रवार को पूरी की गई। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, विकास प्राधिकरण के सचिव सुभाष सिंह, एडीएम पंकज वर्मा, अवर अभियंता नीरज गुप्ता, ऋषि शर्मा ने आपत्तियों पर सुनवाई की। अब सुनवाई पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसको कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा और वहां से मुहर लगने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
इन पर आई सबसे ज्यादा आपत्तियां
यहां सांकरौद में रीजनल पार्क के प्रस्ताव को लेकर सबसे ज्यादा आपत्तियां आई। इसके अलावा बड़ौत में बाईपास की जगह, काठा में औद्योगिक क्षेत्र नहीं बढ़ाने पर आपत्तियां आई। वहीं महावतरपुर में ट्रांसपोर्ट नगर और बस अड्डे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के पास हरित पट्टी को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताने लोग पहुंचे। इन आपत्तियों पर सुनवाई की गई।
वर्जन
महायोजना 2031 में बदलाव पर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। उन पर करीब 290 आपत्तियां व सुझाव आए थे, जिन पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी की गई। उनका निस्तारण करके जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उस रिपोर्ट को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने पर उसे शासन को भेजा जाएगा। - सुभाष सिंह, सचिव बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण