खेकड़ा। कस्बे के मोहल्ला मुंडाला के रहने वाले पूर्व सभासद व साधन सहकारी संघ खेकड़ा के चेयरमैन ब्रह्मपाल सिंह धामा और उनकी पत्नी बिमला (72) की शनिवार रात में एक साथ मौत हो गई। उनकी पत्नी किड़नी व फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित थीं, जिनकी पिछले कुछ दिनों से ज्यादा हालत खराब थी। दोनों की एक साथ मौत की घटना की लोगों में चर्चा है कि इस तरह दोनों की सांस जरूर थम गई, मगर साथ नहीं छूटा।
ब्रह्मपाल सिंह धामा की पत्नी बिमला करीब पांच वर्ष से किडनी और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थीं। उनका दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा था। पिछले छह महीने से उनकी हालत ज्यादा खराब थी और वह चारपाई पर रहती थीं। ब्रह्मपाल सिंह धामा उनकी देखरेख करते थे तो छोटे बेटे शौकेंद्र धामा भी खेती करने के साथ ही मां का ध्यान रखते थे।
शौकेंद्र ने बताया कि शनिवार की रात में करीब नौ बजे खाना खाने के बाद पिता और वह बातचीत करके सोए थे। रविवार सुबह को वह उठे, मगर उनके पिता ब्रह्मपाल सिंह नहीं उठे, जो ज्यादातर जल्दी उठ जाते थे। उन्होंने उनके कमरे में जाकर देखा तो वह मृत पड़े थे। उसी कमरे में उनकी मां बिमला रहती थीं, उनको बताने का प्रयास किया तो देखा कि उनकी भी मौत हो चुकी है।
इस बारे में परिवार के अन्य लोगों व पड़ोसियों को बताया, जिससे वहां शोक छा गया। इसकी सूचना मिलने पर रिश्तेदार भी आए। दोनों का एक साथ श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों की चिता भी एक साथ जलाई गई।
ब्रह्मपाल सिंह कई पदों पर रहे
ब्रह्मपाल धामा नगर पालिका के सभासद रहे थे। इसके अलावा गांधी इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के सदस्य और साधन सहकारी संघ खेकड़ा के वर्तमान चेयरमैन थे। लोगों ने ब्रह्मपाल धामा के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।