बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को देने के लिए पोषाहार बनाने वाले दाहा व पिलाना के प्लांट ढाई करोड़ रुपये का भुगतान नहीं होने के कारण बंद कर दिए गए। समूह की महिलाएं इन दोनों प्लांट को चला रही थीं और इनसे बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने पोषाहार लेने के बाद तीन महीने में भी भुगतान नहीं किया गया। प्लांट बंद होने से वहां काम कर रहीं 50 महिलाएं भी बेरोजगार हो गई हैं।
पिलाना व दाहा गांव में वर्ष 2022 में प्लांट शुरू किए गए थे, जिनको समूह की महिलाएं चला रही थीं। इन प्लांटों में एफसीआई के गोदाम से गेहूं खरीदकर पोषाहार के रूप में दलिया बनाकर पैक करने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाता था। पिलाना व बागपत ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार आपूर्ति की जिम्मेदारी सफल महिला लद्यु उद्योग पिलाना के पास थी। वहीं बिनौली व छपरौली ब्लॉक के केंद्रों पर दाहा में बने प्लांट से पोषाहार भेजा जाता था, जिसको चलाने की जिम्मेदारी रोजी रोटी महिला लघु उद्योग बिनौली के पास थी।
प्लांट लगने से 50 महिलाओं को रोजगार मिला था। दोनों प्लांट से पोषाहार लेने के बाद बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को ढाई करोड़ का भुगतान कराने के लिए नौ बिल भेजे गए, लेकिन तीन माह से भुगतान नहीं किया गया। इस कारण अब प्लांट में दलिया बनाने के लिए गेहूं नहीं खरीदा जा सका और प्लांट बंद करना पड़ा। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की आपूर्ति का संकट भी खड़ा होता दिख रहा है। समूह की महिलाओं ने जल्द ही डीडीओ अरुण कुमार पांडेय से भुगतान कराने की मांग की।
आवंटन हुआ, आपूर्ति नहीं
पिलाना प्लांट को पिलाना ब्लॉक के लिए सितंबर माह का 20.9279 मीट्रिक टन व बागपत ग्रामीण के लिए 17.1801 मीट्रिक टन पोषाहार आवंटित हुआ है। दाहा प्लांट को बिनौली ब्लॉक के लिए अगस्त माह का 20.59999 मीट्रिक टन व सितंबर माह का 20.59999 मीट्रिक टन और छपरौली ब्लॉक के लिए अगस्त माह का 15.19984 मीट्रिक टन व सितंबर माह का 15.19984 मीट्रिक टन पोषाहार आवंटन किया गया। भुगतान न होने के कारण आपूर्ति नहीं होती दिख रही है।
समूह ने खड़े किए हाथ
सफल महिला लद्यु उद्योग पिलाना व रोजी रोटी महिला लघु उद्योग बिनौली की समूह की सदस्य सीमा सहित अन्य ने डीडीओ को पत्र लिखकर बताया कि 31 अगस्त तक अहैड़ा के भारतीय खाद्य निगम से गेहूं उठान के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन समूह के पास बजट नहीं होने के कारण गेहूं का उठान होना संभव नहीं है। कार्यालय में नौ बिल जमा करा रखे हैं, लेकिन भुगतान तक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्लांट नहीं चल सकेगा।
वर्जन
-प्लांट बंद होने की जानकारी मिली है। दाहा व पिलाना प्लांट के ढाई करोड़ रुपये के नौ बिल विभाग को मिल गए हैं, जो बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को भेज दिए गए हैं। 15 सितंबर को दोनों प्लांट के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी ताकि बच्चों के लिए पोषाहार मिलता रहे और परेशानी न उठानी पड़े।
-अरुण कुमार पांडेय, उपायुक्त स्वत: रोजगार