बगपत कोर्ट में दो दिन पूर्व जेल से पेशी पर आए आकाश शामली और सचिन नंदा ने आपस में काफी समय तक वार्ता की थी। पुलिस ने उन्हें टोकने तक की जरूरत नहीं समझी थी। पुलिस अफसरों ने इस मामले को गंभीरता से लेकर हेड कांस्टेबल दौलत सिंह और कांस्टेबल देवेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।
नोएडा की कासना जेल में बंद राहुल खट्टा के गुरु बताए जाने वाले सचिन नंदा को अग्रवाल मंडी टटीरी के व्यापारी विष्णु मित्तल से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस 12 मई को बी वारंट पर कोर्ट में लेकर पहुंची थी। उसी दिन मेरठ जेल से पेशी पर राहुल खट्टा का राइट हैंड बताए जाने वाला आकाश शामली कोर्ट में पहुंचा था।
उन दोनों का कचहरी में आमना-सामना हो गया था। इस दौरान उन दोनों ने करीब 10 मिनट का आपस में वार्ता की थी। उन्हें लेकर आए पुलिस वालों ने उन्हें रोकना तो दूर टोकने की भी जरूरत नहीं समझी थी। सचिन नंदा ने आकाश शामली से वार्ता करने से पूर्व चिल्लाते हुए कहा था राहुल खट्टा को मरवाने वाले उसके निशाने पर है। जल्द ही वह उन्हें ठिकाने लगा देगा।
यह मामला समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। पुलिस अफसरों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। एसपी रवि शंकर छवि ने कहा इस मामले में हेड कांस्टेबल दौलत सिंह और कांस्टेबल देेवेंद्र की लापरवाही सामने आई है। इसी कारण दोनों पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया। उल्लेखनीय है कि कासना जेल से सचिन नंदा को लेकर आए गौतमबुद्धनगर के तीन कांस्टेबल भी थे।