जौहड़ी गांव स्थित डा. बीबी सिंहल शूटिंग रेंज में चल रही चार दिवसीय प्रथम इंदिरा गांधी मेमोरियल गर्ल्स शूटिंग चैंपियनशिप का रविवार को समापन हो गया। जिसमें हापुड़ के शूटरों ने सर्वाधिक पदक जीते।
अंतिम दिन 10 एयर रायफल पीप साइट जूनियर वर्ग स्पर्धा में दीपिका हापुड़ को स्वर्ण, रानी हापुड को रजत और प्राची चौधरी ने कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा के सब-जूनियर वर्ग में प्राची हापुड़ ने स्वर्ण, अलीना हापुड़ ने रजत, हीना हापुड़ ने कांस्य पदक जीता।
एयर रायफल पीप साइट सीनियर महिला स्पर्धा में सोनम तोमर शामली ने स्वर्ण पदक, चंद्रकांता पानीपत ने रजत और हर्षिता हापुड़ ने कांस्य पदक जीता। 10 मीटर एयर पिस्टल सब-जूनियर वर्ग में विधि रठौड़ा ने स्वर्ण, निशा खोखर ने रजत, तारा पानीपत ने कांस्य पदक जीता।
10 मीटर एयर पिस्टल आईएसएसएस सीनियर वर्ग में विनीता राणा ने स्वर्ण पदक, आयिशा दिल्ली ने रजत, साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीता। 10 मीटर एयर रायफल ओपन साइट जूनियर वर्ग स्पर्धा में साक्षी शर्मा अलीगढ़ ने स्वर्ण, मानसी अलीगढ़ ने रजत, शिवानी ने कांस्य पदक जीता।
10 मीटर एयर पिस्टल युवा वर्ग स्पर्धा में पूर्णिमा कौशिक ने स्वर्ण पदक, विशाखा ने रजत, सोनम ने कांस्य पदक जीता। प्रतियोगिता में गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जिवाना की छात्राओं की टीम ने सर्वाधिक पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि सर्वहितकारी इंटर कॉलेज बिनौली की छात्राओं की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वाजिद खान, दीक्षा श्यौराण, फरमान खान, सचिन शर्मा, सोनम मलिक, पूजा आदि रहे। विजेता महिला शूटरों को उत्तराखंड सरकार के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष सुशील राठी ने मेडल पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि खेलों के द्वारा ग्रामीण आंचल की प्रतिभाएं देश-विदेश में जनपद बागपत का नाम रोशन कर रही है। निशानेबाजी में जौहड़ी का योगदान सर्वश्रेष्ठ है। इस अवसर पर सोनालिका ट्रैक्टर ग्रुप की सीएसआर हेड लोपा मुद्रा प्रियदर्शनी ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को हर क्षेत्र में अग्रणी रहने की जरूरत है।
उन्होंने महिलाओं शूटरों को चेक देकर सम्मानित किया। समारोह का संचालन अखिलेश प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी रामकुमार सिंह, उत्तराखंड जाट महासभा के सचिव दरयाव सिंह, डा. अनिल आर्य, राजेंद्रपाल, कोच फारूख पठान, नीतू श्यौराण, मो. हसन, रहीस मलिक, सोहनपाल सिंह, सुखपाल सिंह, सत्यवीर फौजी, डा. राजपाल, सचिन, रविदत्त, बबलू, दादी चंद्रो और प्रकाशो, दिवाकर सिंह का योगदान रहा।