भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, जिसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
कसबे में राजेंद्र चौधरी के आवास पर भाकियू कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि अबकी बार गन्ने का भुगतान दो किस्तों में नहीं बल्कि हर 15 दिन में चीनी मिल किसानों के खातों में भेजेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
कई मिले ऐसी हैं, जिन्होंने अब तक कुल 15 दिन का ही गन्ना भुगतान दिया है, जबकि मिल चालू हुए चार माह बीत चुके हैं। भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। उन्हें पैसे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली के बिल दो गुना बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान बढ़े बिजली के बिल जमा करने में सक्षम नहीं है। सरकार को किसानों को बिजली मुफ्त देनी चाहिए। अगर किसान भूखा होगा तो पूरा देश भूखा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज को लड़ाई-झगड़ों के बजाए आपस में प्यार से रहना चाहिए। किसी भी बिरादरी का भला झगड़ों से नहीं हो सकता। सरकार द्वारा जबरदस्ती भूमि अधिग्रहण करने के विरोध में कानपुर के हमीरपुर में भाकियू का धरना चल रहा है। सरकार ने भाकियू के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत को जबरन धरने से उठा लिया।
इसको लेकर 28 फरवरी को पश्चिमी उप्र से भाकियू कार्यकर्ता कानपुर के हमीरपुर में पहुंचेंगे और धरने में हिस्सा लेंगे। बैठक में राजकुमार बालियान, तेजपाल सिंह, पिंटू चेयरमैन, सुशील प्रधान, देवी सिंह, नैन सिंह, वीरेंद्र, राजवीर, नीरज, ब्रह्मपाल, धर्मवीर, सूरजभान, धीरज, सुधीर, प्रेमपाल, जगदीश, सुलतान सिंह मौजूद रहे।