तुगलकी आदेश से शिक्षकों को अपमानित कर रही सरकार
- 21 जनवरी को घोषित प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन को सफल बनाने का किया आह्वान
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बड़ौत। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य व शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार तुगलकी आदेश जारी कर शिक्षकों को अपमानित कर रही है। उन्होंने शिक्षक महासंघ की ओर से प्रदेश में 21 जनवरी को घोषित प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की है। वह रविवार को दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने टास्क फोर्स के जरिए शिक्षकों के पद घटाकर उनके स्थानांतरण व पदोन्नति को बाधित कर दिया है। अब सरकार की निगाह वेतन वितरण अधिनियम को समाप्त करने पर टिकी है। इसको लेकर शिक्षकों ने एकजुटता नहीं दिखाई तो पछतावा होगा। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता राजीव तोमर व मीडिया प्रभारी अजय राज शर्मा ने कहा कि सरकार की प्रेरणा नीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा। यह सरकार प्रधानाचार्य के पदों को समाप्त कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। शिक्षकों की पदोन्नति पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आगामी 21 जनवरी को शिक्षक महासंघ के आह्वान पर जनपद के तमाम माध्यमिक, प्राथमिक व जूनियर के शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर दोपहर 12 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य वकीलचन्द जैन इंद्रपाल सिंह, मीडिया प्रभारी अजय राज शर्मा, पंकज शर्मा प्रदीप शर्मा शामिल रहे।
खुशी जतायी, बधाई दी
बड़ौत। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की बैठक रविवार को प्रांतीय मंत्री सुशील चौधरी के आवास पर हुई। जिसमें गत माह सरकार को दिए गए सुझावों के कारण उप्र सरकार एवं उत्तर शिक्षक चयन आयोग की धारा 18 में पूर्व चयन बोर्ड की धारा 21 की तरह ही प्रभावी संशोधन करने पर खुशी जताई। इस अवसर पर जिला मंत्री दीपक नैन, राजगुरू, विशाल, संजीव तोमर, राजकुमार, प्रमोद, प्रकाश, सतीश, अरविन्द, गौरव, राजीव डबास, अनूप, लोकेंद्र शामिल रहे।