बागपत कलक्ट्रेट प्रभारी रामनयन सिंह को ज्ञापन देते रालोद कार्यकर्ता
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बागपत। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने पर नाराज रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि गन्ना मूल्य और भुगतान पर सरकार का रवैया किसान विरोधी है। किसानों की आय बढ़ाने का भरोसा दिलाया, लेकिन सरकार अपने हर वायदे से मुकर रही है। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन करेंगे। उन्होंने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
सोमवार को जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना के नेतृत्व में रालोद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। गन्ना के दाम में वृद्धि न किए जाने पर नाराजगी जताई। सरकार ने साबित कर दिया कि उसका रवैया किसान विरोधी है। जबकि डीजल, पेट्रोल, विद्युत दर, खाद, रासायनिक दवाएं और मजदूरी में लगातार वृद्धि हो रही है। लागत भी नहीं निकल पा रही है। गन्ना मूल्य 450 प्रति क्विंटल किया जाए। मिलों पर 200 करोड़ रुपये बकाया, जिसका भुगतान किसानों को किया जाए। रमाला मिल भी पूरी क्षमता से नहीं चल रही है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्नाव कांड की मौत हो गई। इसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। दोषियों को जल्द सजा और दो करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
फसलों को बेसहारा गोवंश चट कर रहे हैं। निरंतर पशुओं की संख्या बढ़ रही है। पत्तियां और पराली जलाने पर किसानों पर मुकदमे दर्ज करके शोषण किया जा रहा है। जबकि इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था न तो प्रशासन ने की और न ही प्रशासन ने। मुकदमे वापस नहीं किए तो इसके लिए आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा। सभी मांगों के समाधान को कलक्ट्रेट प्रभारी रामनयन सिंह को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीएम शकुंतला गौतम से मुलाकात की। पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राजू तोमर सिरसली, पूर्व बार अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट, सतेंद्र खोखर, प्रदीप खोखर, वीरेंद्र, सुबोध राणा, अजय सोलंकी, धीरज कुमार, ओमवीर ढाका, अजहर खान, रणवीर मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने बताया 11 दिसंबर को बड़ौत कार्यालय बैठक होगी। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।