अमीनगर सराय के सर्राफा व्यापारी अंकित वर्मा
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सहारनपुर और गाजियाबाद पुलिस ने लुटेरों को पकड़कर सराय की डकैती का खुलासा कर दिया, लेकिन सराफ अंकित वर्मा ने इस पर सवाल उठा दिया है। वर्मा का कहना है कि न तो उनकी लूटी गई लाइसेंसी पिस्टल बरामद हुई है और न ही सोने के आभूषण। यहां तक कि पुलिस अपराधियों से जो सोना बरामद करने का दावा कर रही है, वह पीतल है।
सहारनपुर पुलिस ने शुक्रवार को इनामी शाहिद उर्फ कबूतर समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर कई लूट की वारदात का खुलासा किया था। पुलिस ने इस गिरोह को अंकित वर्मा के घर समेत 100 से अधिक डकैती में शामिल पताया था। दो दिन पहले गाजियाबाद पुलिस ने दो अपराधियों को पकड़कर लूट, डकैती की घटनाओं का खुलासा किया था। अफसरों ने दावा किया था कि यही बदमाश सराय की डकैती में शामिल थे।
डकैती के खुलासे का पता चलने पर सराफ अंकित वर्मा सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और अपराधियों से वार्ता के बाद खुलासे पर सवाल खड़े कर दिए। अंकित का कहना है कि पुलिस उनके मकान में जैसे अपराधियों के प्रवेश की बात कर रही है, वह संभव ही नहीं है। पुलिस ने उनकी पिस्टल भी बरामद नहीं की है। सोना बताकर पीतल बरामद किया गया है। अंकित का कहना है कि वे पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं।
अबरार लेकर भागा है पिस्टल
बागपत (ब्यूरो)। सहारनपुर के इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि शादाब गैंग का सदस्य अबरार डकैती में शामिल था। वही अंकित वर्मा की लाइसेंसी पिस्टल लेकर भागा हुआ है। घटना का खुलासा पूरी तरह से सही है।
दो साल से टारगेट पर था मकान
इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि अबरार दिन में घूमकर पता करता है कि किस मकान में लूट, डकैती करनी है। अबरार ने दो साल पहले ही अंकित वर्मा के मकान को टारगेट बना लिया था। घटना से 15 दिन पूर्व उससे साथियों संग मकान में घुसने का प्रयास किया, पर नाकाम रहा। 14 नवंबर की रात भी अपराधियों ने मकान में घुसने का तीन बार प्रयास किया। तीसरी बार में अबरार ही मकान में घुसने में कामयाब हुआ था। उसने ही दरवाजे खोलकर साथियों को मकान में प्रवेश कराया था।