बागपत कलक्ट्रेट की कैंटीन का ठेका छोड़ने के लिए मात्र पांच हजार रुपये के ड्राफ्ट बनवाने में भी गोलमाल कर दिया। काठा के एक व्यक्ति ने टेंडर के लिए दूसरे व्यक्ति के ड्राफ्ट की रंगीन फोटो कॉपी कराकर जमा करा दी। जब जांच की गई तो अधिकारी भी चकरा गए। एडीएम ने बैंक अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा कलक्ट्रेट की कैंटीन की नीलामी के लिए 26 मार्च 2016 को निविदाएं आमंत्रित की गईं। इसमें कई अन्य निविदाओं के साथ ग्राम काठा निवासी सतेंद्र ने भी 5000 रुपये की धनराशि का 21 मार्च की तारीख का ड्राफ्ट जमा करा दिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब जांच की गई तो हूबहू ड्राफ्ट बड़ौत के छपरौली रोड निवासी शहवान की निविदा में भी संलग्न मिला।
इससे अधिकारी भी चकरा गए। जांच में पता चला दोनों का नंबर भी एक जैसा है। एक ड्राफ्ट की रंगीन फोटो कॉपी कराकर अधिकारियों को चकमा दे दिया। पकड़े जाने के बाद खलबली मच गई। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी ने ड्राफ्ट और उसकी रंगीन फोटो कापी बैंक अधिकारियों को भेज दी है। उन्होंने निर्देश दिए फर्जीवाड़ा कर दो निविदाएं की गईं हैं। इस मामले में बैंक नियमानुसार कार्रवाई करे।