निकाय चुनाव का आरक्षण तय हो जाने के बाद प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने लगी है। सियासी दल इस बार सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। इस कारण बड़ौत और बागपत पालिका क्षेत्र में वीआईपी मुकाबले होंगे।
सियासी धुरंधर दोनों सीटों को लोकसभा चुनाव के पहले का रिहर्सल मानकर चल रहे हैं। कांटे की टक्कर अन्य निकाय में भी होगी। लेकिन सियासत की लिहाज से बागपत और बड़ौत पर सबकी नजर रहेगी।
आरक्षण तय हो चुका है। शुक्रवार को संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने पत्ते खोलने शुरू किए। जिले की सबसे बड़ी पालिका बड़ौत के आरक्षण में बदलाव से सामान्य वर्ग के दावेदारों को जोर का झटका लगा है।
यहां अब केवल पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी ही जोर आजमाइश कर सकेंगे। बागपत के अनारक्षित रहने के कारण यहां कांटे का मुकाबला होगा। यहां राजनीतिक जोरआजमाइश की तैयारी है। बड़ौत में वर्तमान भाजपा विधायक केपी मलिक पिछली बार चेयरमैन थे। इस बार वह अपनी पत्नी को मैदान में उतार सकते हैं। रालोद से पूर्व विधायक साहब सिंह चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
रालोद, भाजपा, बसपा के अलावा सपा भी बागपत सीट पर अपने मजबूत प्रत्याशी उतारेगी। वर्तमान चेयरमैन एडवोकेट राजूद्दीन के अलावा बागपत से रालोद के कई बड़े नेताओं के नाम दावेदारी में चल रहे हैं। भाजपा यहां नए चेहरे पर दांव खेलेगी। रालोद का गढ़ माने जाने वाली छपरौली में भाजपा और रालोद के बीच टक्कर तय मानी जा रही है।
राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों का कहना है कि सिंबल पर चुनाव लड़ा जाएगा। खेकड़ा पालिका में जहां चुनाव के तनावपूर्ण रहने के आसार है, वहीं बागपत और बड़ौत में वीआईपी मुकाबला होगा। अग्रवाल मंडी टटीरी और अमीनगर सराय के अनारक्षित रह जाने के कारण यहां चुनाव लडने के दावेदारों की संख्या बढ़ेगी।
आरक्षण में इस तरह हुआ बदलाव
निकाय पहले अब
बागपत अनारक्षित अनारक्षित
बड़ौत अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
खेकड़ा अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
टटीरी पिछड़ा वर्ग अनारक्षित
सराय पिछड़ा वर्ग अनारक्षित
दोघट अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
टीकरी पिछड़ा वर्ग महिला पिछड़ा वर्ग
छपरौली अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
निकाय कुल वार्ड मतदाता
बागपत 25 36569
बड़ौत 25 80328
खेकड़ा 25 31535
टटीरी 11 11209
सराय 11 7554
दोघट 12 11876
टीकरी 12 11869
छपरौली 14 15022
आठ निकाय, 45 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र
बागपत। जिले की आठ निकायों में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 86 है। 135 वार्ड के लिए चुनाव होना है, इनमें 45 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील है। बड़ौत में सबसे ज्यादा पांच मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील है।
संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 15 , जबकि सामान्य मतदान केंद्रों की संख्या 26 है। संवेदनशीन और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है।
दोघट नगर पंचायत में पहली बार होगी महिला अध्यक्ष
बागपत। दोघट को नगर पंचायत का दर्जा वर्ष 1988 में दिया गया था। पहले चुनाव में रामचंद्र वाल्मीकि चेयरमैन बनें। एसा पहली बार हुआ है कि कसबे को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इससे तय है कि यहां पहली बार घूंघटराज होगा। तैयारी में जुटे पुरुष प्रत्याशियों में किसी ने अपनी मां और किसी ने पत्नी को चुनाव के मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है।
बसपा सिंबल पर उतारेगी अपने प्रत्याशी : भाटी
बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने घोषणा की कि नगर निकाय चुनाव के लिए बसपा पार्टी अपने सिंबल पर प्रत्याशी को मैदान पर उतारेगी। सभासद, चेयरमैन पद पर चुनाव लड़ाया जाएगा। इसके लिए प्रत्याशियों की सूची तैयार की जा रही है।
सिंबल पर चुनाव लड़कर दिखाएंगे ताकत : खोखर
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर का कहना है कि निकाय चुनाव सिंबल पर लड़ा जाएगा। पार्टी हाईकमान फैसला कर चुकी है। विधानसभा चुनाव की तरह ही निकाय और सहकारी चुनाव में भाजपा अपनी ताकत का अहसास कराएगी।
मजबूत प्रत्याशी उतारे जाएंगे : चौधरी
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि कहना है कि निकाय चुनाव के लिए सपा तैयार है। मजबूत प्रत्याशी उतारे जाएंगे। सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढने की नीति के तहत चुनाव लड़ा जाएगा।
प्रत्याशियों के चयन की चल रही प्रक्रिया : रामकुमार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी का कहना है कि तैयारियां चल रही है। प्रत्याशियों का चयन किया जा रहा है। सिंबल पर चुनाव लडेंगे। कांग्रेस के प्रत्याशी ही जीत हासिल करेंगे।
ताकत का अहसास कराएंगे : सिंह
रालोद जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह का कहना है कि सिंबल पर अंतिम फैसला हाईकमान को करना है। लेकिन पार्टी निकाय चुनाव में अपनी ताकत का अहसास करा देगी।