- चार नवंबर को लोनी के खन्नानगर में मिला था रालोद कार्यकर्ता विशु तोमर का शव, पीट-पीटकर की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बामनौली गांव के रालोद कार्यकर्ता विशु तोमर की हत्या में गाजियाबाद पुलिस पल्ला झाड़ती नजर आ रही है और बागपत पुलिस के पाले में गेंद फेंकी जा रही है। इसको लेकर परिवार वालों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है, जो लगातार पुलिस अफसरों से हत्याकांड का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।
बामनौली गांव निवासी विशु तोमर तीन नवंबर को फोन आने पर घर से चले गए। उन्होंने फोन पर परिजनों को अगले दिन वापस आने के बारे में बताया। इसके बाद विशु का फोन बंद हो गया और वह वापस भी नहीं लौटे। सात नवंबर को चाचा नरेश तोमर ने विशु की गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच में पता चला कि चार नवंबर को गाजियाबाद जिले के खन्नानगर में विशु का शव मिला और पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की तो विक्रांत निवासी बुढ़सैनी के साथ लोनी जाने के बारे में पता चला, लेकिन पूछताछ होने से पहले ही विक्रांत एक मुकदमे में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया।
पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर, हत्या के दस दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर परिवार वालों ने आक्रोश जताया और पुलिस पर लापरवाही नहीं बरतने का आरोप लगाया। इसमें दोघट पुलिस हत्या की घटना खन्नानगर में होने पर वहीं से कार्रवाई होने का दावा कर रही है तो गाजियाबाद पुलिस ने अभी तक कार्रवाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
विशु के चाचा नरेश तोमर ने बताया कि जल्द ही गाजियाबाद के अफसरों से भी मिला जाएगा। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार उसका शव गाजियाबाद में मिला था मगर यहां भी परिजन आकर मिले थे तो इस मामले में जांच कराई जा रही है।