बागपत। गैंगस्टर एक्ट में गिरोह के सरगना को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। उसपर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट राहुल नेहरा के अनुसार वर्ष 2015 में बागपत कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी रनवीर सिंह यादव ने महताब निवासी मोहल्ला मुगलपुरा बागपत, अशोक निवासी फैजपुर निनाना और विकास के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। गिरोह का सरगना महताब है जो अपने साथियों के साथ मिलकर मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। इस मामले में विवेचना के दौरान आरोपी अशोक की मौत हो गई थी। पुलिस ने महताब व विकास के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। उनकी पत्रावली अलग-अलग हो गई थी। इनमें महताब की पत्रावली पर अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय संख्या एक के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर अधिनियम) कृष्ण कुमार सिंह सुनवाई कर रहे थे। कोर्ट ने मामले में महताब को दोषी मानते हुए दो साल कैद की सजा सुनाने के साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक सप्ताह के साधारण कारावास की सजा बढ़ाई जाएगी।