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आचार संहिता उल्लंघन में पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित दोषमुक्त

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आचार संहिता के उल्लंघन में पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित दोषमुक्त
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बागपत। आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित समेत दो लोगों को न्यायालय ने दोषमुक्त किया है। उस समय लोकेश दीक्षित बसपा से विधायक थे, जो अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
अधिवक्ता रमन चौधरी ने बताया कि सिंघावली अहीर थाने में 10 नवंबर 2015 को पंचायत चुनाव के दौरान एसआई रहे प्रेमसिंह ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि गौसपुर गांव में बड़ौत विधानसभा के तत्कालीन विधायक लोकेश दीक्षित, क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव हारे फखरुद्दीन, ग्राम प्रधान इकबाल ने एक बैठक रखी थी। उस बैठक में सुधीर पंडित, रामचरण, शीनूू, मुकेश शर्मा, निर्देश, मकसूद, अब्दुल कलाम पुत्र हकीमुद्दीन, उमरदराज, अब्दुल कलाम पुत्र वजरुद्दीन, आस मोहम्मद, मुस्तफा समेत करीब 50 लोग शामिल हुए थे। जहां ग्राम प्रधान इकबाल को जिताने के लिए कहा गया और फखरूद्दीन के चुनाव हारने पर चर्चा की गई थी।
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चुनाव आचार संहिता लगी होने के बाद भी बैठक की कोई अनुमति नहीं कराई गई। इस तरह आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। इस मामले में बसपा से विधायक रहे लोकेश दीक्षित, फखरुद्दीन, प्रधान इकबाल समेत सभी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। शीनू की मामले की सुनवाई के बीच में मौत हो गई और लोकेश दीक्षित व निर्देश के अलावा अन्य सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन सभी पर अलग-अलग तारीख पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। अधिवक्ता रमन चौधरी ने बताया कि इस कारण ही पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित व निर्देश की फाइल बची थी और उस पर सीजेएम प्रीति सिंह के न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। जिसमें अब साक्ष्यों के अभाव में पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित व निर्देश को दोषमुक्त किया गया है।
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