बड़ौत के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेड़ कटान की जांच करते वन क्षेत्राधिकारी राज
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आधा दर्जन पेड़ कटान का मामला
विद्यालय में छात्राओं के लिए 1.72 करोड़ की लागत से बनाया जाना है छात्रावास
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मेें झाड़ियों की आड़ में पेड़ कटान की खबर को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो वन विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी टीम के साथ विद्यालय पहुंचे और पेड़ कटान की जांच की।
बता दें कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं के लिए तकरीबन 1.72 करोड़ की लागत से छात्रावास बनाया जाना है। कुछ दिन पूर्व शासन से अनुमति मिलने के बाद लखनऊ से विभागीय कर्मचारी हॉस्टल की पैमाइश करने आए थे। आरोप है कि लखनऊ से आए विभागीय कर्मचारियों ने विद्यालय स्टाफ व अन्य से मिलीभगत कर सहीं ढंग से पैमाइश किए बिना विद्यालय परिषद में खड़े आधा दर्जन से अधिक पेड़ों का कटान कर डाला। अब मामला उजागर हुआ तो विभागीय कर्मचारी व विद्यालय स्टाफ मामले को दबाने में जुटे है। पैमाइश की गई जगह के ऊपर हाईटेंशन लाइन आने का बहाना बना रहे है। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी राजपाल कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेड़ कटान के मामले की जांच करने के लिए वन रक्षक संजय कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने वार्डन मधु त्यागी से भी बातचीत की और हॉस्टल की पैमाइश करने वाले कर्मचारियों के फोन नंबर भी लिए।
जांच चल रही है। वार्डन सहित विद्यालय स्टाफ से जानकारी ली गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। - राजपाल सिंह, वन क्षेेत्राधिकारी।