बागपत जनपद के दोघट थानाक्षेत्र में तेंदुए की तलाश में वन विभाग की टीम ने चौगामा के जंगल में डेरा डाल दिया है। यहां तेंदुए के पंजों के निशान देखकर उसकी तलाश में कांबिंग भी की, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। उधर, तेंदुए की आमद होने से ग्रामीण खेतों में जाने से डर रहे हैं।
चौगामा क्षेत्र के बेगमाबाद गढ़ी, बामनौली, मांगरौली, मुलसम गांव के जंगलों में पिछले कई दिन से खेत में काम कर रहे किसानों को तेंदुआ दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को देकर तेंदुए को पकड़वाने की मांग की थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने चौगामा क्षेत्र के जंगल में पहुंचकर तेंदुए के पंजों के निशान की जांच पड़ताल की।
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रविवार को वन दरोगा दयाशंकर तिवारी, संजीव कुमार ने बेगमाबाद गढ़ी, मांगरौली गांव के जंगल में तेंदुए की तलाश में कॉबिंग की और किसानों से पूछताछ भी की। किसानों ने बताया कि दिन में तेंदुआ छिपा रहता है और शाम होते ही खेतों में दिखाई देने लगता है। इससे किसान भयभीत हैं और खेतों में जाने से डर रहे हैं।
उधर, वन दरोगा दया शंकर तिवारी ने किसानों से बच्चों को खेत में न ले जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल में तेंदुआ मिलने पर एकदम भागने के बजाय धीरे-धीरे पीछे हटकर वहां से निकलें।
इसके अलावा रात में टॉर्च जरूरी लेकर चलने की अपील की। वन रेंजर बड़ौत रविकांत चौधरी ने बताया कि वन विभाग की टीमें अलग-अलग गांव के जंगलों में कांबिंग कर तेंदुए की तलाश कर रही हैं।