आयकर विभाग के छापे में निवर्तमान डीएम ह्दय शंकर तिवारी के घर लाखों रुपये की नगदी और संपत्ति के ब्योरा मिला है। जिले में तेरह माह के कार्यकाल में कईं बार उन पर सवाल उठा गए। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल और उनके पिता ने दफ्तर में घुसकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और खनन का रजिस्टर लहराया था। ईंट-भट्ठे बंद करने, हरियाणा से खनिज के ट्रकों पर पाबंदी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के मुआवजे में देरी पर आपत्तियां उठाई गई थी।
पिछले वर्ष छह जून को तत्कालीन राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल अपने पिता के साथ डीएम ह्दय शंकर तिवारी से मिलने पहुंचे। उज्ज्वल ने यहां उन पर खुलेआम भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। यही नहीं सपा नेता के पिता ने दफ्तर में ही एक रजिस्ट्रर लहराया, इसमें गंभीर आरोप लगाए थे।
इस मामले में कुलदीप उज्ज्वल को तब अपना पद गंवाना पड़ा था। मेरठ के ढिंढाला गांव निवासी शशांक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी कि बागपत में बी-2 कैटेगरी सर्टिफिकेट ईंट भट्ठों का संचालन बताया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने जिले के 450 ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगा दी थी। इस मामले में भी ईंट भट्ठा संचालकों ने कलक्ट्रेट मेें प्रदर्शन कर आरोप लगाए थे। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के मुआवजे में देरी और हरियाणा से खनिज संपदा के जिले में प्रवेश पर रोक के चलते कलक्ट्रेट में हंगामा और प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप उछले थे।
उज्ज्वल ने कहा सच की जीत हुई
बागपत। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा आयकर विभाग के छापे से सब कुछ खुद ही साबित हो गया। उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ थी। आम जन की परेशानी का मुद्दा ही उन्होंने कलक्ट्रेट में उठाया था, जिसे दबाने का प्रयास किया गया। आखिर में सच जनता के सामने आ गया।