बागपत। यमुना नदी में मंगलवार रात दूषित पानी से लाखों मछलियां मर गईं, जो बुधवार की सुबह किनारों पर पड़ी हुई मिलीं। इसका पता चलते ही ईदगाह कॉलोनी और इस्लामनगर कॉलोनी के सैकड़ों लोग वहां पहुंचे और बोरियों में भरकर मरी हुई मछलियां ले गए। लोगों का आरोप है कि पहले भी रसायनयुक्त पानी यमुना में छोड़ा जाने के कारण मछलियां मर चुकी हैं। उन्होंने यमुना में गिरने वाले नालों को बंद कराने की मांग की।
ईदगाह कॉलोनी निवासी समीर, शाहरुख और शौकीन आदि ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे यमुना नदी के किनारे स्थित खेत में काम करने गए थे। तभी यमुना नदी के किनारे पहुंचकर देखा तो काफी संख्या में मछलियां मृत पड़ी हुई थीं। उन्होंने यमुना नदी के किनारे पर आगे जाकर देखा तो करीब एक किलोमीटर तक लाखों मछलियां मृत पड़ी हुई दिखीं। शाहरुख ने बताया कि यमुना नदी में रसायनयुक्त पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का पानी भी दूषित हो जाता है और इससे मछलियों की मौत हुई है। कहा कि नदी में कई जगहों पर नालों का पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से पिछले साल दो बार मछलियों की मौत हुई थी। बुधवार की सुबह मछलियां मरने का पता चलते ही सैकड़ों लोग बोरियां और जाल लेकर वहां पहुंच गए। वे मृत मछलियों को बोरियों में भरकर अपने घरों में लेकर चले गए।
रसायनयुक्त पानी से मरी मछलियों का सेवन करना खतरनाक
मत्स्य पालन विभाग के अफसरों ने लोगों से रसायनयुक्त पानी से मरी मछलियों का सेवन न करने की अपील की है। उनका कहना है कि पानी में रसायन की मात्रा अगर ज्यादा है तो मछलियों का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है। उनका कहना है कि यमुना से पकड़ी गई मछलियों का सेवन न करें। उन्हें गड्ढों की खोदाई कर दबा दें।
एक दिन पहले छोड़ा गया था 50 हजार मछलियों का बीज
एक दिन पहले यानी मंगलवार को यमुना नदी में मत्स्य पालन विभाग के अफसरों ने 50 हजार मछलियों का बीज छोड़ा था। वहां पर लोगों को मत्स्य पालन के बारे में जानकारी भी दी गई लेकिन अगले ही दिन उनके अलावा अन्य मछलियां मर गईं।
पहले कछुएं भी मर चुके
यमुना नदी में बार-बार मछलियां मरने के मामले सामने आ रहे हैं। बता दें कि इससे पहले यमुना नदी में रसायनयुक्त पानी छोड़ा जाने के कारण कई कछुए भी मर चुके हैं।
-यहां पर लाखों मछलियां मर गई हैं। इससे पहले कई कछुए भी मृत पड़े हुए थे, जिन्हें लोग उठाकर ले गए। यमुना नदी में छोड़े जा रहे नालों को बंद कराया जाए। नदी में रसायनयुक्त पानी छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
-दीपक, मोहल्ला ठाकुरद्वारा
-यमुना नदी में रसायनयुक्त पानी एक-दो दिन पहले छोड़ा गया, जिससे यमुना का पानी भी काला हो चुका है। इसकी वजह से मछलियाें समेत अन्य जलीय जीव मर गए। इस समस्या का समाधान कराया जाए।
-समीर, ईदगाह कॉलोनी
वर्जन-
यमुना में दूषित व रसायन वाला पानी छोड़ने के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे जलीय जीवों की मौत हो जाती है। इस तरह जलीय जीवों के मरने की अब जानकारी मिली है। पानी का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। हरियाणा की तरफ से दो नालों से फैक्टरियों से निकलने वाला रसायनयुक्त पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
-संतोष कुमार वर्मा, मत्स्य विकास अधिकारी, बागपत