मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम दो बार टलने के बाद सोमवार को 213 जोड़ों की शादी कराई गई। जिसमें कई जोड़े पहले अपने मुहूर्त पर शादी करने के लिए दूल्हा-दुल्हन बने। अब अफसरों के मुहूर्त पर दूसरी बार दूल्हा-दुल्हन बनकर सात फेरे लिये। जहां सांसद और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार भेंट किए। चमरावल रोड स्थित इंद्रदेव इंस्टीट्यूट के मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिलेभर से पंजीकृत 213 जोड़ों की शादी कराई गई।
इन जोड़ों को सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह, डीएम राजकमल यादव, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर, जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर समेत अन्य अधिकारियों ने आशीर्वाद दिया। जहां सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने गरीब बेटियों की शादी कराने के लिए योजना चला रखी है। जिसमें सरकार की तरफ से गरीब बेटियों की शादी में 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। जिसमें 35 हजार रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जबकि 10 हजार रुपये शादी के सामान व छह हजार रुपये खानपान पर खर्च किए जा रहे हैं।
उधर, सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए जोड़े ऐसे रहे, जिन्होंने पहले अपने मुहूर्त पर शादी कर ली। पहले दो बार अधिकारियों की लापरवाही से विवाह कार्यक्रम टल चुका था। पिछले एक महीने में शादी करने वालों को योजना का लाभ देने के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी करने के लिए अधिकारियों ने अनुमति दी। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी मोतीलाल व्यास, डीपीआरओ अमित त्यागी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा, उपनिदेशक कृषि प्रशांत कुमार, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
खाने के लिए मारामारी मची
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जहां देरी से नाश्ता शुरू होने पर लोगों की भीड़ उमड़ गई। पहले नाश्ता करने के लिए लोगों में मारामारी मची रही। इसके बाद खाने के लिए लोग रसोई तक पहुंच गए। जिसके बाद पुलिस कर्मियों को व्यवस्था संभालनी पड़ी।
पंडितों ने पढ़े मंत्र तो मौलवियों ने पढ़ा निकाह
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 176 हिंदू जोड़े तो 37 मुस्लिम जोड़े शादी के बंधन में बंधे। जहां 21 वेदियों पर पंडितों ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मंत्रोच्चार कर सात फेरे कराए। उधर, मौलवियों ने निकाह पढ़कर 37 मुस्लिम जोड़ों की शादी कराई।
शादी से रोकने पर डीएम से शिकायत
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सोमवार को ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों ने पहले शादी होने की बात कहकर अपात्र बताया और उन्हें रोक दिया। इसके बाद जोड़ों ने डीएम राजकमल यादव से शिकायत की और लाभ दिलाने की मांग की। लाभार्थियों ने बताया कि शादी कार्यक्रम टलने के बाद उन्होंने अपने मुहूर्त पर शादी कर ली थी, लेकिन लाभ नहीं मिल पाया था। डीएम के हस्तक्षेप के बाद तीन जोड़ों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी कराई गई।
अपात्र करने पर भाजपा नेता का हंगामा
भाजपा के छपरौली मंडल उपाध्यक्ष अमित कश्यप ने शादी समारोह में हंगामा किया और युवती को अपात्र घोषित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि युवती की शादी तय होने के बाद उसकी अंगूठी की रस्म कराई गई और उसे कार्यक्रम में बुलाया गया, लेकिन अब उसे अपात्र बताकर वापस भेजा जा रहा है। इसके बाद डीएम ने लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
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