बागपत। ओमवीर हत्याकांड के पुलिस खुलासे पर परिजनों ने उंगली उठाते हुए एसपी से केस की विवेचना क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की है।
नंगला बढ़ी गांव के जयप्रकाश ने बताया कि उनके बेटे ओमवीर का महेशपुर चौपड़ा गांव के पास पूर्वी यमुना नहर में 30 अक्टूबर को गोलियां लगा शव मिला था। इसमें लोकेश पुत्र महावीर निवासी धनौरा सिल्वर नगर, मुनेश पुत्र हरपाल निवासी नंगलाबढ़ी, बिजेंद्र पुत्र शंभू व पहलवान पुत्र देवी सिंह निवासी दौझा को नामजद किया था। लेकिन पुलिस ने केस का खुलासा नामजद आरोपियों के अलावा दूसरे लोगों को गिरफ्तार कर किया है। जो पूरी तरह से गलत है।
उनका कहना है कि आरोपी भट्टा व्यापारी लोकेश का उनके गांव के मुनेश के घर पर आना जाना था। उसकी गलत हरकतों से मोहल्ले के लोग काफी परेशान थे। इसका उनके बेटे ओमवीर ने विरोध किया था। इसी बात पर ओमवीर का लोकेश से विवाद हो गया था। लोकेश ने उनके बेटे को भुगत लेने की धमकी दी थी। बाद में लोकेश ने पुलिस से सेटिंग कर उसके बेटे ओमवीर को जानलेवा हमले के झूठे केस में जेल भिजवा दिया था। आरोप है कि लोकेश ने गांव के लोगों के सामने पहले ही धमकी दे दी थी। काफी लोगों के साथ एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एसपी से केस की विवेचना सिंघावली अहीर थाने से क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कराने की मांग की है। इस मौके पर एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा, जयप्रकाश, मांगेराम, रविंद्र, प्रवीण, सोनू, राजेंद्र, कुलदीप, आसू, राजेश, सुदेश, बाला मौजूद रही। सीओ राजवीर सिंह का कहना है कि केस का सहीं खुलासा हुआ है।
संजय की तलाश के लिए दबिश
बागपत। नंगला बढ़ी गांव के युवक ओमवीर की हत्या के मुख्य आरोपी संजय गुराना ने अपने साथियों के साथ मिलकर गौरव की हत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने गौरव पर हमला करने में शामिल रहे संयज के दो साथी सलीम और राकेश को पकड़ लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पुलिस के सामने राज उगल दिए। उन्हीं के आधार पर पुलिस संजय की धर पकड़ कर रही है। बिनौली थाना प्रभारी रणवीर सिंह यादव का कहना है कि पकड़े गए आरोपी जेल चले गए है। फरार आरोपी संजय गुराना की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी ने दावा किया कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।