बागपत के दाहा-बरनावा मार्ग पर चंदायन मोड़ के पास स्थित स्वामी शिवानंद सरस्वती गौशाला पर एक बार फिर मादा तेंदुए ने हमला बोल दिया। इससे गौशाला में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने गौशाला में छिपकर जान बचाई और शोर मचाया। शोर की आवाज सुनकर तेंदुएं वहां से भाग निकले। सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना तेंदुए की तलाश किए वहां पिंजरा लगाकर चले गए। इससे ग्रामीणों ने आक्रोश जताया।
करीब 15 दिन से मादा तेंदुए ने बिनौली थाना क्षेत्र के कई गांवों में आतंक मचा रखा है। तेंदुआ अब तक दर्जन मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। इतना ही नहीं तेंदुआ कई बार ग्रामीणों पर भी हमला बोल चुका है। जहां बृहस्पतिवार की रात्रि में मादा तेंदुआ दाहा-बरनावा मार्ग पर चंदायन मोड़ स्थित स्वामी शिवानंद सरस्वती गौशाला पर हमला बोलकर बछडे़ को उठाकर ले गई, वहीं शुक्रवार की रात्रि में भी एक बार फिर तेंदुए ने गौशाला पर हमला बोल दिया। गायों की आवाज सुनकर गौशाला के संरक्षक सूरज सिंह गुर्जर, सुशील और पूर्ण सिंह ने गौशाला में छिपकर जान बचाई।
शोर की आवाज सुनकर तेंदुआ वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना तेंदुए की तलाश किए, वहां पर पिंजरा लगाकर चले गए। इसको लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने कहा एक बार भी वन कर्मियों ने तेंदुए को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। इस संबंध मेें डीएफओ मनीष मित्तल ने कहा पिंजरा लगा दिया गया है, जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।