खेकड़ा। क्षेत्र में रविवार को फादर्स-डे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बच्चों ने अपने पिता को उपहार भेंट किए और आशीर्वाद लिया।
शिक्षक रामनिवास वर्मा का कहना है कि समाज की बंदिशों से अपने बच्चे को निकालने का काम एक पिता ही कर सकता है। शिक्षक अशोक धामा का कहना है कि पिता एक वट वृक्ष है, जिसके पास खड़े होकर बड़ी से बड़ी परेशानी छोटी हो जाती है। वक्त आने पर वो दोस्त बन जाते है। समाजसेवी सोनू चौहान का कहना है कि जीवन तो मां से मिल जाता है, लेकिन जीवन के थपेड़ों से निपटना तो पिता ही सिखाते है।
जिंदगी की सच्चाई के धरातल पर जब बच्चा चलना शुरू करता है, तो उसके कदम कहां पड़े और कहा नहीं, यह बच्चे को मालूम नही होता। यह सब पिता ही बच्चे को सिखाते है। इसलिए बच्चे के जीवन में पिता की अहम भूमिका होती है। फादर्स-डे पर बच्चे और युवा अपने अपने पिता का प्यार पाकर खासे उत्साहित नजर आए। उधर ग्राम घिटोरा में समाजसेवी आनंद बैसला ने अपने पिता को महर्षि दयानंद सरस्वती की मूर्ति भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।