बागपत। जिस तरह से फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम तेजी से बदल रहा है, उसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल का उत्पादन कम होने का डर है। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने के कारण गेहूं उत्पादन में 20 प्रतिशत कमी आ सकती है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेतों में नमी बनाने के लिए सिंचाई की सलाह दे रहे हैं।
तापमान बढ़ने से खेतों की नमी कम हो रही है। फरवरी के पहले सप्ताह में ही अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम दस डिग्री तक पहुंच गया है। दिन और रात के तापमान में 17 डिग्री का अंतर होने से गेहूं की फसल प्रभावित होगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अभी तापमान और बढ़ेगा। दिन और रात के तापमान में अंतर होने से गेहूं बढ़ोतरी प्रभावित होने के साथ दाना भी प्रभावित होगा।
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बारिश न होने से भी बढ़ रहा तापमान
इस बार फरवरी माह में बारिश न होने से भी तापमान बढ़ रहा है। वर्ष 2022 में जिले में नौ फरवरी तक 13 एमएम बारिश हुई थी। इसमें दो फरवरी को चार एमएम, तीन फरवरी को 2.5 एमएम और आठ फरवरी को 6.5 एमएम बारिश हुई थी।
पछेती फसल अधिक होगी प्रभावित
- तापमान अधिक होने से फसल प्रभावित होगी। हालांकि अगेती फसल के बजाय पछेती फसल अधिक प्रभावित होगी। गर्मी के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित होगा। - पंकज चौधरी, बिजरौल
- फरवरी माह में अधिक गर्मी होने के कारण गेहूं की फसल प्रभावित होगी। फसल बचाने के लिए खेतों में नमी बनाने के लिए सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी। - सतेंद्र शर्मा, पाबला
-दिन में अधिक गर्मी होने से गेहूं की अगेती फसल की बाली सूख जाएगी और पछेती फसल की बढ़ोतरी कम होने से चारा, उत्पादन दोनों प्रभावित होगा। - दीपक यादव, सिंघावली अहीर
कोट...
- तापमान बढ़ने से गेहूं की बढ़ोतरी प्रभावित होती है और दाना भी कमजोर हो जाता है। इससे फसल का उत्पादन प्रभावित होता है। किसान प्रत्येक दस दिन के अंतराल पर फसल की हल्की सिंचाई करते रहे। ज्यादा पानी देने से बचें, क्योंकि उससे फसल गिर सकती है। इससे भी उत्पादन प्रभावित होता है। - डॉ. संदीप चौधरी, कृषि वैज्ञानिक
जिले का फरवरी माह का पिछले एक सप्ताह का तापमान
तारीख तापमान वर्ष 2023 तापमान वर्ष 2022
एक फरवरी 21.9 20.6
दो फरवरी 22.8 21.3
तीन फरवरी 24.1 14.4
चार फरवरी 25.1 17.7
पांच फरवरी 26.3 18.7
छह फरवरी 26.2 22.2
सात फरवरी 25.6 25.7
आठ फरवरी 23.8 24.2
नौ फरवरी 27.1 20.2