गन्ना पेराई सत्र 2016-17 आखिरी दौर में है और किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है। बागपत चीनी मिल क्षेत्र के सात क्रय केंद्रों का गन्ना किसानों ने मलकपुर मिल को देने से इंकार कर दिया है।
बागपत चीनी मिल की प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों ने गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा से मिलकर कहा किसान मलकपुर चीनी मिल को गन्ना नहीं देना चाहते हैं, इन केंद्रों को वापस बागपत मिल को ही दिया जाए।
क्रय केंद्र सांकरौद द्वितीय, सुन्हैड़ा तृतीय, सरूरपुर तृतीय, फैजल्लापुर तृतीय, गाधी द्वितीय, सुल्तानपुर हटाना और खेड़ा इस्लामपुर द्वितीय के किसान बागपत चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करते थे। गन्ना आयुक्त ने पेराई सत्र के आखिर में इन सेंटरों को मलकपुर चीनी मिल से जोड़ दिया। इससे किसान नाराज है। किसानों ने कहा वह मलकपुर चीनी मिल को गन्ना नहीं देना चाहते।
दूसरी तरफ दी बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष ने थानाभवन पहुंचकर गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा से मुलाकात की। उन्होंने किसानों के पक्ष से अवगत कराया और कहा किसान गन्ना देने से मना कर चुके हैं। समस्या के समाधान की मांग करते हुए इन क्रय केंद्रों को वापस बागपत चीनी मिल से ही जोड़े जाने की मांग की गई है।
पेराई की क्षमता बढ़वाएं
बागपत। दी बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष वीरेंद्र राणा ने गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा से मुलाकात कर बताया क्षेत्र में गन्ना 85 लाख क्विंटल है, जबकि मिल की पेराई क्षमता 25 सौ टीसीडी है। पेराई क्षमता पांच हजार टीसीडी कराने का प्रस्ताव बनाकर गन्ना राज्यमंत्री को दिया। इसमें राममेहर, राजबीर, तेजपाल, नाहर सिंह, कृपाल सिंह शामिल रहे।