ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजे और अन्य मुद्दों पर किसान संघर्ष समिति के सदस्यों की कलक्ट्रेट में एडीएम और प्रोजेक्ट डायरेक्टर के साथ वार्ता हुई। किसानों को पांच अगस्त तक कुछ मांगे को पूरा करने का आश्वासन दिया है। किसानों ने मांगे पूरी न होने पर छह अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी है।
ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे में खेकड़ा क्षेत्र के 11 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित है। हाईवे निर्माण के कारण किसानों के सामने विभिन्न समस्याएं पैदा हो गई। मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों से मिले, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। सोमवार को किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष चौधरी कृष्णपाल सिंह के नेतृत्व में 11 गांव के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे।
एडीएम डीपी सिंह और हाईवे के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर आशीष जैन के साथ किसानों की बैठक हुई। चौधरी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि बिजली की लाइन शिफ्टिंग, खेती की सिंचाई के लिए पाइप डालने की व्यवस्था पांच अगस्त तक करा दी जाए। पांच से दस अगस्त के बीच ही भूमि का मुआवजा भी तय हो जाए।
किसानों ने चेतावनी दी की पांच अगस्त तक जिन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है, अगर वह पूरी नहीं हुई तो छह अगस्त को आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
इस दौरान देवेंद्र त्यागी, सुखबीर सिंह, धर्मपाल सिंह, वीरेंद्र त्यागी, राजीव यादव, तेजपाल प्रधान, देवेंद्र प्रमुख, रामपाल, राजेंद्र, बिजेंद्र, जयपाल, धर्मपाल, वीरेंद्र, वेदप्रकाश, नरेश, धर्मपाल, बिजेपाल, सतपाल, हरेंद्र रहे। कुंडली ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे में सरफाबाद, सिगौली, फुलैरा, टुकाली, लहचौड़ा, मारकपुर, गोणा, बड़ागांव, खेकड़ा, मवीकलां और काठा के किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है।