बागपत शहर के पक्का घाट के पास यमुना खादर में खेत में पड़ी झोपड़ी में आग लगाकर किसान बिजेंद्र को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। आरोप है कि रास्ते से गुजरने वाले मिट्टी के ट्रक और ट्रेक्टर-ट्रॉली के कारण लौकी की फसल बर्बाद हो रही है। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। इससे वहां काफी हंगामा हुआ। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।
बागपत की कश्यप कॉलोनी निवासी किसान बिजेंद्र कश्यप का कहना है कि उसके खेत में लौकी की फसल पूरी तरह तैयार है। उनके खेत के पास से यमुना से होने वाले कटान को रोकने के लिए ठोकर लगाई जा रही है। इसके लिए ठेकेदार खेत के पास से ट्रक और ट्रेक्टर-ट्रॉली से मिट्टी मंगवाता है। इससे वहां काफी धूल उड़ती है। इससे उनकी लौकी की फसल बर्बाद हो रही है। विरोध करने पर आरोपी ठेकेदार और लेबर गाली-गलोज करते हैं।
बिजेंद्र का आरोप है कि शनिवार दोपहर वह खेत में था, तभी पांच-छह लोगों ने वहां आकर उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। उसने किसी तरह जान बचाई। बाद में आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसे काफी चोटें आईं। सीएचसी पर उसका उपचार हुआ। उसने कोतवाली में घटना की शिकायत दी। उधर, आरोपी संजय का कहना है कि बिजेंद्र ने झोपड़ी में खुद ही आग लगाई है। उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। कोतवाली के एसएसआई लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।