काठा के किसानों ने मुआवजा तय न होने तक ठोकर का निर्माण न होने देने की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। काठा गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को यमुना में चल रहे ठोकर लगाने का कार्य रुकवा दिया। उन्होंने यमुना में ठोकर लगा रही मशीन को बंद कर दिया। मुआवजा तय न करने तक ठोकर का काम शुरू न होने देने की चेतावनी दी।
ग्रामीणों का कहना था कि काठा गांव में यमुना किनारे मशीन से खोदाई करके बड़े-बड़े पत्थर लगाकर ठोकर लगाई जा रही है, जबकि किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा तय नहीं किया गया है। मंगलवार को गांव के लोगों ने यमुना किनारे पहुंचकर विरोध कर मशीन को रुकवा दिया। उन्होंने जमीन का मुआवजा तय न होने पर मशीन न चलने देने की चेतावनी दी। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुआवजा तय किए बिना मशीन चलाकर ठोकर लगवाई गई तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। इस मौके पर अशोक, धर्मेंद्र चौधरी, गजेंद्र, राजीव, संजीव, तेजपाल, जगपाल, पूरण, धनपाल, सतबीर, विनीत, दिनेश, महाबीर, प्रताप, लाला, ओमपाल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में बुधवार को साप्ताहिक बंदी
बागपत। सहायक श्रमायुक्त विनीता सिंह ने बताया कि बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में साप्ताहिक बंदी के दिनों में बदलाव किया गया है। अब बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में बुधवार, अग्रवाल मंडी टटीरी और अमीनगर सराय में मंगलवार और छपरौली में शुक्रवार की साप्ताहिक बंदी रहेगी। साप्ताहिक बंदी का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।