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Baghpat News: किसान बैठक बनी जंग का अखाड़ा, सीडीओ के सामने भिड़े अफसर

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बागपत। विकास भवन में बुधवार को किसानों की समस्याओं पर बुलाई गई बैठक हंगामे और अधिकारियों के आपसी टकराव का अखाड़ा बन गई। खाद न मिलने से नाराज किसानों ने पहले हंगामा किया, जिसके बाद अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
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बैठक शुरू होते ही बिजेंद्र प्रधान, इंद्रपाल सिंह और राजेंद्र सिंह समेत कई किसानों ने दोघट साधन सहकारी समिति से पिछले पंद्रह दिन से खाद न मिलने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि यह फसलों में खाद डालने का समय है, लेकिन समिति लाइसेंस निलंबित होने की बात कहकर उन्हें टरका रही है। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है। इस पर जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने कहा कि दुकान का लाइसेंस निलंबित नहीं हुआ है, बल्कि उसे नोटिस दिया गया है। उन्होंने खाद वितरण की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता इंदु सिंह की बताई। इसके बाद जिला गन्ना अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने भी कृषि अधिकारी पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया। तीनों अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी के सामने ही काफी देर तक आपस में भिड़ते रहे और एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए नोकझोंक करते रहे। किसानों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
-सीडीओ का हस्तक्षेप और निर्देश

अधिकारियों के बीच चल रही नोकझोंक पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तीनों अधिकारियों ने बैठक को पंचायत बना दिया है। सीडीओ ने इंदु सिंह को निर्देश दिए कि दोघट समिति पर एक घंटे के भीतर खाद का वितरण सुनिश्चित कराएं, अन्यथा प्रबंधक निदेशक को निलंबित किया जाए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी द्वारा सहकारिता विभाग को लिखे गए पत्रों का जवाब देने के भी निर्देश दिए ताकि निलंबित लाइसेंस बहाल हो सके।
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-अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह तीनों अधिकारियों को अपने कक्ष में ले गए। वहां उन्होंने उन्हें समझाया और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की हिदायत दी। सीडीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो वे शासन को पत्र लिखने में संकोच नहीं करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन करने पर जोर दिया।
-अफसरों की निजी दुकानदारों से सांठगांठ का आरोप लगाया
विनोद खेड़ा ने कहा कि अफसरों की निजी दुकानदारों से सांठगांठ रहती है, इसलिए उनको केवल नोटिस दिया जाता है। साथ ही उनके लाइसेंस भी निलंबित नहीं किए जाते हैं। इनके अलावा हिम्मत सिंह व विक्रांत चौधरी ने लोक निर्माण विभाग पर सड़कों का निर्माण करने में अनियमितता बरतने, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पर फोन न उठाने, ऊर्जा निगम के अफसरों पर गलत बिल भेजने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में सीडीओ ने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।




विकास भवन में भिड़ रहे अफसर, सीडीओ रोकने में नाकाम
बागपत। विकास भवन के कार्यालयों के अधिकारियों में अब खुलकर खींचतान सामने आने लगी है और वह एक-दूसरे पर आरोप लगाकर भिड़ रहे हैं। इनको रोकने में सीडीओ पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। कुछ दिन पहले पंचायतीराज विभाग के दो अधिकारियों के बीच विवाद हो गया था और मामला सीडीओ कार्यालय में पहुंचा था।
अब जिला गन्ना अधिकारी अभय प्रताप सिंह, सहायक निबंधक एवं सहकारिता आयुक्त इंदु सिंह व जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव के बीच झगड़ा हो गया। जिस तरह से विकास भवन के अधिकारी आपस में भिड़ रहे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि वहां सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अधिकारी सार्वजनिक तौर पर इस तरह से भिड़ते रहे हैं तो जिले का बंटाधार होता रहेगा और किसानों को समस्याओं के निस्तारण के लिए ऐसे ही जूझना पड़ेगा।




वर्जन
-अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी नजर आ रही है, जिससे विकास भवन का माहौल खराब हो रहा है। सभी विभागों के अफसरों को बुलाकर समझाया जाएगा। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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