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Baghpat News: भाव घोषित न होने से असमंजस में किसान

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बागपत। नया पेराई सत्र शुरू होने के ढाई माह बीतने के बाद भी किसानों के पुराने बकाया का भुगतान नहीं हुआ है और न ही अभी तक गन्ने का भाव घोषित किया गया है। बकाया मूल्य भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। जबकि भाव घोषित न होने से किसान असमंजस में है। अब शासन ने गन्ना मिलों को 15 जनवरी तक गन्ने का भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में एक लाख 25 हजार किसान पंजीकृत हैं। यहां के किसान बागपत की तीन मिलों सहित मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ की 12 मिलों पर गन्ने की सप्लाई करते हैं। बागपत शुगर मिल, सहकारी चीनी मिल रमाला और भैंसाना चीनी मिल को छोड़कर अन्य नौ मिलों पर किसानों का लगभग 500 करोड़ रुपये तक का बकाया चल रहा है।
इनमें सबसे ज्यादा बकाया मलकपुर शुगर मिल पर है। किसानों का बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। गन्ना विभाग की ओर से बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी चीनी मिल गन्ना बकाया का भुगतान नहीं कर रही है।
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भुगतान के लिए दी जा रही सिर्फ तारीख
सरकार की मानसिकता किसान विरोधी है। किसानों के गन्ना बकाया मूल्य भुगतान के लिए सरकार केवल तारीख दे रही है। पूर्व में 31 दिसंबर तक भुगतान कराने का आश्वासन दिया। अब इसे बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया है। - राजू तोमर सिरसली
भाव घोषित न होने से असमंजस में किसान
नए पेराई सत्र में गन्ना भाव घोषित न होने से किसान असमंजस में है। खाद, बिजली और बीज के दाम बढ़ने से फसल की लागत बढ़ गई है। गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल घोषित होना चाहिए। - सुभाष नैन, सरुरपुरकलां
आर्थिक तंगी से जूझ रहा किसान
चीनी मिलों ने अभी तक पुराने बकाए का भुगतान नहीं किया है, जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। किसान कर्ज लेकर अपने घर के खर्च चला रहा है, जिससे वह कर्ज के बोझ तले दबता चला जा रहा है। - विनोद, रंछाड़
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450 रुपये घोषित हो भाव
लगातार बढ़ रही महंगाई से गन्ने की फसल की लागत बढ़ गई है। सरकार को गन्ने का लाभकारी मूल्य 450 रुपये घोषित करना चाहिए। इससे कम दाम घोषित होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। - नरेशपाल तोमर, बरवाला
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वर्जन
- चीनी मिलों पर गन्ना बकाया मूल्य भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गन्ना विभाग की ओर से बकाया का भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। - डॉ. अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी
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