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किसानों ने किया आत्मदाह का एलान

Fri, 09 Sep 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
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बड़ौत के बावली गांव में आयोजित किसानों की पंचायतों को संबोधित करते राम सेवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किसानों की पंचायत में गन्ने का भुगतान नहीं करने पर आक्रोश जताया  और सर्वसम्मति से निर्णय लिया यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे 15 सितंबर को सामूहिक रूप से आत्महत्या करेंगे। इस संबंध में वे डीएम को भी सूचना दे चुके हैं।
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बृहस्पतिवार को किसान साहब सिंह की अध्यक्षता और रामसेवक के संचालन में गांव बावली के पंचायत घर में हुई पंचायत में बावली, महावतपुर, रुस्तमपुर आदि गांवों के किसानों ने भाग लिया। इसमें वक्ताओं ने कहा मलकपुर चीनी मिल पर 266 करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन मिल से भुगतान नहीं होने के कारण किसान अपने बच्चों की फीस भी जमा नहीं कर पा रहे हैं और अपने बच्चों की शादी भी नहीं कर पा रहे हैं। 

गन्ना भुगतान नहीं होने से क्षेत्रीय  भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने डीएम को ज्ञापन भी दिया था और जिला गन्ना अधिकारी से भी बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा भूखे मरने से तो अच्छा है, हम आत्मदाह करें। 
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वक्ताओं ने कहा एक ओर गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है और उनके विद्युत कनेक्शन काटे जा रहे हैं, वही बाजार में उन्हें साहूकारों ने उधार समान भी देना बंद कर दिया है। वक्ताओं ने कहा देश के प्रधानमंत्री लाल किले से कहते है किसानों के गन्ने का 94 प्रतिशत भुगतान करा दिया गया है। 

हम किसान तो कश्मीर के आतंकवादियों से भी बुरे हैं। सरकार कश्मीर के आतंकवादियों पर 700 करोड़ रुपये खर्च कर  रही है, जबकि वे सीमा पर रहने वाले हमारे बच्चों की भी जान ले रहे हैं। अब भुगतान बिना हम  नहीं रह सकते। आत्महत्या के अलावा उनके पास और कोई उपचार नहीं है। 

पंचायत में प्रमोद कुमार, विनोद, जिला पंचायत सदस्य निशांत, ओमप्रकाश, सुखबीर, सतीश, जयपाल, सुंदर, ईश्वर, सतबीर, सोहनवीर, बलवीर, यशवीर, कृष्णपाल, श्यौवीर, रणवीर, रामपाल, सुखबीर, चंद्र, पाल सिंह, अजब सिंह, धर्मवीर, समर पाल, विक्रांत, जयवीर, राकेश, रविंद्र आदि रहे।

रुपये के कारण नहीं दी मार्कशीट ःबड़ौत। पंचायत में वक्ताओं ने कहा  गांव के 14 बच्चे ऐसे हैं, जिनकी फीस जमा न होने के कारण उनकी मार्कशीट स्कूल संचालकों ने नहीं दी है। वहीं गत दिनों बड़ौत में हुई सेना की भर्ती में भी हमारे युवक भर्ती में शामिल होने से रह गए, क्योंकि उनके पास मार्कशीट नहीं थी।
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