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कड़ाके की ठंड में भी डटे किसान, अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

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बड़ौत के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चल रहे किसान धरने पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : BARAUT
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर चल रहा किसानाें का धरना आठवें दिन भी जारी रहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर औद्योगिक पुलिस चौकी के नजदीक चल रहा किसानों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। किसान ठंड में भी धरने पर डटे हुए है। शनिवार को सभी ने अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि जब तक सिंघु बार्डर पर किसानों का आंदोलन चलेगा, यहां पर भी धरना ऐसे ही चलता रहेगा।
धरने के आठवें दिन तालियान खाप के चौधरी सुधीर की अध्यक्षता और सुमेर कुमार आर्य के संचालन में सभा शुरू हुई। आचार्य बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार समझती है कि किसान कमजोर है। किसान कमजोर नहीं है, किसान जानता है कि उसे अपना हक कैसे लेना है। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सिंघु बार्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। रणधीर ढ़िकाना ने कहा कि देश का पेट भरने वाले अन्नदाता को वर्तमान सरकार बर्बाद करने पर तुली हुई है, जोकि बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में किसानों से धरने में पहुंचने का आह्वान किया।
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पट्टी मेहर थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने बताया कि अब प्रतिदिन धरना पर किसान कुछ ऐसा करेंगे, जिससे सरकार को कड़ा संदेश दिया जा सके। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर, आशुतोष सभासद ने कहा कि गूंगी बहरी सरकार तक किसानों की आवाज नहीं पहुंच रही है। यही कारण भी है कि दिल्ली में किसान 31 दिन से धरना दिए बैठे हैं। इनके अलावा सुमेर सिंह आर्य ककड़ीपुर, धर्मपाल चेयरमैन रमाला, दरयाव सिंह, सतेंद्र खोखर, सोमपाल सिहं बड़ौली, शौकेंद्र पहलवान ने भी धरने को संबोधित किया।
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ये रहे उपस्थित
बड़ौत। युवा छात्र नेता चिराग चौधरी, विपिन ढ़िकाना, सुबे सिंह रमाला, सत्येंद्र चौहान रमाला, वीरेंद्र सिंह गुराना, डा कृपाल सिंह, विकास मलिक एडवोकेट, राजेन्द्र सिंह हेवा आदि शामिल रहे।
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