प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा (फाइल फोटो)
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बागपत में प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की हत्या के मामले की जांच करने के नाम पर तीन संदिग्ध लोग क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर सोमवार को उनके घर पहुंच गए। पीड़ित परिजनों और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने एक युवक को पकड़ लिया। जबकि, उसके दो साथी भागने में कामयाब हो गए। पीड़ित परिजन का कहना है कि आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इससे वे काफी भयभीत है। पुलिस का दावा है कि पकड़ा गया युवक क्षेत्र के एक कॉलेज का चपरासी है।
हेड मास्टर सतपाल शर्मा के बेटे सोनू शर्मा का कहना है कि सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ दो बाइक पर तीन युवक उनके मकान के पास पहुंचे। बाइक सवार एक युवक उनके पास मकान में पहुंचा। आरोपी युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच से बताते हुए कहा कि आपने डीएम और एसपी ने शिकायत कर रखी है। उसकी जांच करने के लिए हम आए हैं। आरोपी युवक ने उनके पिता की हत्या के संबंध में पूछताछ की। संदेह होने पर आरोपी युवक से उसका आई-कार्ड मांगा तो वह सकपका गया।
वह खुद को कभी क्राइम ब्रांच से तो कभी दिल्ली पुलिस से बताने लगा। आईकार्ड के बारे में कहने लगा कि बाइक में रखा है। उसे लाने के बहाने आरोपी बाइक पर सवार होकर भागने लगा। इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया, जबकि उसके दो साथी भागने में कामयाब हो गए। बाद में आरोपी को सिंघावली अहीर थाना पुलिस को सौंप दिया।
सोनू का कहना है कि उनके पिता की हत्या के केस में फरार चल रहे आरोपी उसकी और उसकी मां उर्मिला शर्मा की हत्या कराना चाहते हैं। उनकी यह सोची समझी साजिश है। इससे पहले भी कई बार मकान के आसपास संदिग्ध लोग घूमते हुए दिखाई दे चुके हैं। शिकायत करने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
उधर, सिंघावली अहीर थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय का कहना है कि मास्टर सतपाल शर्मा के मकान पर पहुंचा युवक सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक कॉलेज का चपरासी है। आरोपी बुलंदशहर का रहने वाला है। सुबह के समय वह नशे की हालत में था। पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि वह मास्टर सतपाल को जानता था। वह तो वैसे ही मास्टर के घर पर चला गया था। उसका कोई गलत इरादा नहीं था। पांडेय का कहना है कि आरोपी युवक से पूछताछ की जा रही है।